Chaitra Navratri 2025: नवरात्रि में क्यों नहीं काटने चाहिए बाल और नाखून? जानें क्या है न‍ियम

नवरात्रि हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और शुभ समय माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु नौ दिनों तक उपवास रखते हैं, देवी माँ की पूजा-अर्चना करते हैं और संयम व पवित्रता का पालन करते हैं। इसी कारण नवरात्रि के दौरान बाल और नाखून काटने को लेकर भी विशेष नियम बताए गए हैं। आइए जानते हैं कि चैत्र नवरात्रि में बाल और नाखून काटने की परंपरा क्या कहती है।

Chaitra Navratri 2025

क्या नवरात्रि में बाल कटवा सकते हैं?

नवरात्रि में बाल न कटवाने की परंपरा है, क्योंकि यह समय आध्यात्मिक शुद्धता और साधना के लिए होता है। ऐसा माना जाता है कि बाल और नाखून शरीर की मृत कोशिकाएं होती हैं, जिन्हें काटना एक प्रकार से अस्वच्छता को बढ़ावा देना हो सकता है। नवरात्रि में बाल न कटवाने के पीछे मुख्य कारण ये हैं:

आध्यात्मिक दृष्टिकोण - नवरात्रि में शरीर और मन की शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाता है। इस दौरान शरीर को एक मंदिर की तरह पवित्र रखने की परंपरा है, इसलिए बाल कटवाना उचित नहीं माना जाता।

ऊर्जा संतुलन - ज्योतिष के अनुसार, नवरात्रि के दौरान ब्रह्मांडीय ऊर्जा का प्रभाव अधिक होता है। इस दौरान बाल कटवाने से ऊर्जा का प्रवाह बाधित हो सकता है।

परंपरा और मान्यता - कई परिवारों में नवरात्रि के दौरान बाल कटवाना अशुभ माना जाता है और इसे अनुष्ठान में बाधा के रूप में देखा जाता है।

क्या नवरात्रि में नाखून काट सकते हैं?

नाखून काटने को लेकर भी परंपरागत रूप से यही नियम लागू होता है। अधिकतर लोग नवरात्रि में नाखून काटने से बचते हैं, क्योंकि यह शुद्धता की दृष्टि से उचित नहीं माना जाता। हालांकि, यदि नाखून अत्यधिक बढ़ जाएं और अशुद्धता का कारण बनें, तो साफ-सफाई को ध्यान में रखते हुए उन्हें काटा जा सकता है।

निष्कर्ष
चैत्र नवरात्रि में बाल और नाखून काटने को लेकर धार्मिक मान्यताएं और परंपराएं अलग-अलग हो सकती हैं। यदि आप परंपराओं का पालन करना चाहते हैं, तो नवरात्रि समाप्त होने के बाद बाल और नाखून काटना उचित रहेगा। लेकिन यदि स्वच्छता की आवश्यकता हो, तो व्यक्तिगत निर्णय लेकर नाखून काट सकते हैं।

Story first published: Saturday, March 29, 2025, 21:33 [IST]
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