Latest Updates
-
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी -
Imran Khan Net Worth: भारत छोड़ने के आदेश के बाद इमरान खान की संपत्ति का क्या होगा? जानें कितनी है नेटवर्थ -
ग्रेटर नोएडा के इस गांव में आज भी होती है रावण की पूजा, दशहरे पर दहन बल्कि शोक मनाते हैं लोग -
Shardiya Navratri 2026 Day 6: नवरात्रि के छठे दिन करें मां कात्यायनी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
National Boss Day 2026 Wishes: कभी गाइड करते...बॉस डे पर अपने बॉस का दिल से कहें शुक्रिया, भेजें ये खास संदेश -
क्रिएटिनिन क्या होता है? जानें स्वस्थ किडनी के लिए क्रिएटिनिन का नॉर्मल लेवल कितना होना चाहिए -
Durga Puja Pandals in Delhi NCR: ये हैं दिल्ली-एनसीआर के टॉप 10 दुर्गा पूजा पंडाल, इस नवरात्रि जरूर करें दर्शन
Chanakya Niti: ऐसी महिलाओं की इच्छा हमेशा रह जाती है अधूरी
आचार्य चाणक्य ने मानव जीवन के लगभग हर पक्ष पर अपने विचार लिखें। उन्होंने स्त्री, पुरुष, बड़े बुज़ुर्ग, एवं बच्चों सभी के जीवन सम्बन्धी सफलता की नीतियों को साझा किया।
उन्होंने अपनी लिखी कृतियों चाणक्य नीति और अर्थशास्त्र में इन अनगिनत नीतियों को हमारे लिए लेकर आये, जो आज के समय में भी प्रासंगिक हैं।

स्त्रियों के बारे में वे बताते हैं कि कुछ महिलाओं की इच्छाएं हमेशा अधूरी ही रह जाती हैं। कौन हैं वो स्त्रियां, और आचार्य चाणक्य क्या कहते हैं उन महिलाओं के विषय में जानते हैं आगे-
इन महिलाओं की इच्छा रहती है हमेशा अधूरी
आचार्य चाणक्य के अनुसार जो महिलाएं जीवन में पुरुषों पर निर्भर रहती हैं उनकी इच्छाएं हमेशा अधूरी रहती हैं। पुरुषों पर निर्भर रहने से वे हर इच्छा को उस पुरुष से ही जोड़ने लगती हैं। उन्हें अपनी हर कामना के पूर्ण होने के लिए भी पुरुष की रज़ामंदी पर निर्भर होना पड़ता है। इसलिए आत्मनिर्भर स्त्री ही जीवन में अपनी सभी इच्छाओं को पूर्ण करने में सक्षम हो पाती हैं।
परिवार की अत्याधिक चिंता में लगी हुई स्त्री
चाणक्य बताते हैं कि परिवार की अत्यधिक सेवा में लगी हुई स्त्री भी अपनी इच्छाओं को पूरा करने में असक्षम रहती है। वे परिवार की बेहतरी के लिए ही अपना सब कुछ समर्पण कर देती हैं, इसलिए स्वयं की इच्छाओं के लिए कुछ नहीं बचा पाती हैं। स्त्री को परिवार की सेवा के आलावा स्वयं की इच्छाओं के लिए भी समय निकालना चाहिए।
ऐसी महिलाएं करती हैं अपनी इच्छाओं को पूरा
आचार्य चाणक्य के अनुसार शिक्षित और मज़बूत महिला ही अपनी इच्छाओं को पूरा करने में सफ़ल हो पाती हैं। खुद से धन कमाने वाली महिला आत्मनिर्भर होती है और अपनी ज़रूरतों और रुचियों को पूरा कर सकती हैं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
