Chandra Grahan 2023: बुद्ध पूर्णिमा पर ग्रहण का साया, चंद्र दोष निवारण के लिए करें चन्द्रमा कवच का पाठ

साल का पहला चंद्रग्रहण 5 मई को लगने जा रहा है। इस दिन वैशाख पूर्णिमा भी पड़ने जा रही है जिसे बुद्ध पूर्णिमा कहा जाता है।

ग्रहण की शुरुआत रात 08 बजकर 45 मिनट पर होगी और इसका समापन देर रात 1 बजे होगा। ग्रहण के समय चन्द्रमा कमज़ोर हो जाता है जिसका प्रभाव मनुष्य पर पड़ता है।

Chandra Grahan 2023: Chandra Kavacham Benefits on First Lunar Eclipse

ऐसे में चन्द्रमा की स्थिति को मज़बूत करने और चन्द्र दोष को खत्म करने के लिए चन्द्रमा कवच का पाठ करना उत्तम होता है। जानते हैं चन्द्रमा कवच के बारे में विस्तार से -

चन्द्र कवच पाठ के लाभ
इस कवच के पाठ से चन्द्रमा कुंडली में उच्च स्थान पर होता है और इसके अनुकूल प्रभाव देखने को मिलते है। इसके साथ ही चन्द्रमा की स्थिति स्थिर होने से मन की चंचलता भी शांत होती है।

इससे राहु का दुष्प्रभाव दूर होता है और भाग्य में लक्ष्मी का वास होता है। इस कवच के पाठ से आपके भाग्य में चन्द्रमा की स्थिति मज़बूत होगी।

चन्द्र कवच
श्रीचंद्रकवचस्तोत्रमंत्रस्य गौतम ऋषिः । अनुष्टुप् छंदः। चंद्रो देवता। चन्द्रप्रीत्यर्थं जपे विनियोगः ।
समं चतुर्भुजं वन्दे केयूरमुकुटोज्ज्वलम् । वासुदेवस्य नयनं शंकरस्य च भूषणम् ॥१॥
एवं ध्यात्वा जपेन्नित्यं शशिनः कवचं शुभम् । शशी पातु शिरोदेशं भालं पातु कलानिधिः ॥२॥
चक्षुषी चन्द्रमाः पातु श्रुती पातु निशापतिः । प्राणं क्षपाकरः पातु मुखं कुमुदबांधवः ॥३॥

पातु कण्ठं च मे सोमः स्कंधौ जैवा तृकस्तथा । करौ सुधाकरः पातु वक्षः पातु निशाकरः ॥४॥
हृदयं पातु मे चंद्रो नाभिं शंकरभूषणः । मध्यं पातु सुरश्रेष्ठः कटिं पातु सुधाकरः ॥५॥
ऊरू तारापतिः पातु मृगांको जानुनी सदा अब्धिजः पातु मे जंघे पातु पादौ विधुः सदा ६॥
सर्वाण्यन्यानि चांगानि पातु चन्द्रोSखिलं वपुः । एतद्धि कवचं दिव्यं भुक्ति मुक्ति प्रदायकम् ॥
यः पठेच्छरुणुयाद्वापि सर्वत्र विजयी भवेत् ॥ ७ ॥ ॥ इति श्रीब्रह्मयामले चंद्रकवचं संपूर्णम् ॥

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

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