Chandrayaan-3 Launch: विज्ञान के साथ आस्था का अनूठा संगम, लॉन्च से पहले तिरुपति मंदिर पहुंची ISRO टीम

भारत का बहु आकांक्षित स्पेस मिशन चन्द्रायान-3 कुछ ही घंटों में शुरू होने वाला है। मिशन के शुरू होने से पहले इसरो के वैज्ञानिकों ने तिरुपति मंदिर में जाकर विशेष पूजा की और मिशन की सफलता के लिए आशीर्वाद लिया।

इस चंद्रयान के सफलतापूर्वक उतरने के बाद भारत उन चुनिन्दा देशों की सूची में शामिल हो जाएगा जो ऐसा कर पाने में सफ़ल हुए हैं।

Chandrayaan-3 Launch: ISRO scientists visit Tirupati Venkatachalapathy Temple to offer prayers

वैज्ञानिकों की टीम चंद्रयान-3 का एक छोटा मॉडल अपने साथ तिरुपति मंदिर लेकर गए और पूजा के बाद टीम ने कहा "यह चंद्रयान-3 है। चन्द्रमा पर हमारा मिशन है। कल प्रक्षेपण है।" पूरे देश की उत्सुकता भरी निगाहें इस मिशन पर लगी हुई हैं।

विज्ञान के साथ आस्था का अनूठा संगम

वैज्ञानिकों की एक टीम के साथ इसरो प्रमुख एस सोमनाथ भी आंध्र प्रदेश में स्थित तिरुपति मंदिर पहुंचे। चंद्रयान के छोटे मॉडल के साथ विशेष पूजा के साथ ही उन्होंने मिशन के सफ़ल होने की कामना की। उन्होंने कहा कि हम लांच के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और प्रार्थना है कि कल सब ठीक से हो।

चंद्रयान-3 लांच कब और किस समय होगा?

भारत का चंद्रयान मिशन 14 जुलाई, शुक्रवार को प्रक्षेपित होगा। दोपहर 2:35 बजे श्रीहरिकोटा से एलवीएम-एम 3 राकेट के ज़रिये यह लांच किया जाएगा। अगस्त के आखिरी हफ्ते में चन्द्रमा की सतह पर इसकी सॉफ्ट लैंडिंग होगी।

Chandrayaan-3 Launch: ISRO scientists visit Tirupati Venkatachalapathy Temple to offer prayers

जब मोदी ने इसरो प्रमुख का बढ़ाया था हौसला

चन्द्रमा की सतह पर उतरने का यह भारत का दूसरा प्रयास है। 2019 के चंद्रयान-2 मिशन में भारत का रोवर चन्द्रमा की सतह पर सुरक्षित लैंड करने में विफल हो गया था। इतने महत्वपूर्ण मिशन के असफल होने पर तब इसरो की टीम बेहद निराश हुई थी और इसरो प्रमुख के.सिवान को प्रधानमन्त्री मोदी ने गले लगाकर हिम्मत दी थी। इसकी तस्वीरें आज भी लोगों के ज़ेहन में हैं।

क्या है चंद्रयान-3?

चंद्रयान-3 का उद्देश्य दक्षिणी ध्रुव के पास चंद्रमा के उच्चभूमि पर एक लैंडर और एक रोवर को स्थापित करना है। चंद्रमा की सतह पर एंड-टू-एंड लैंडिंग और रोविंग क्षमताओं का प्रदर्शन करके, इन-सीटू वैज्ञानिक प्रयोगों का संचालन करना और नए विकास और प्रदर्शन करना है।

चंद्रयान -3 लैंडर को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह चंद्रमा में एक निर्दिष्ट स्थान पर धीरे से उतर सकता है, और रोवर को तैनात कर सकता है। चंद्रमा की कक्षा में पहुंचने के बाद लैंडर मॉड्यूल और प्रोपल्शन मॉड्यूल अलग हो जाएंगे। प्रोपल्शन मॉड्यूल अलग होने के बाद, चंद्रमा के चारों ओर कक्षा में रहेगा, और संचार रिले उपग्रह के रूप में कार्य करेगा। चंद्रयान 2 में रही खामियों को इस बार के मिशन में सुधारा गया है।

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

Desktop Bottom Promotion