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Ramzan vs Ramadan: क्या रमज़ान और रमादान में कोई अंतर है? दोनों में से कौन सा है सही
Difference Between Ramzan and Ramadan in Hindi: इस्लाम का सबसे पवित्र महीना रमज़ान का आगाज हो चुका है। इस्लामिक कैलेंडर चांद के चक्र पर निर्भर करता है, इसलिए रमज़ान का महीना हर साल लगभग 10 दिन बढ़ जाता है। गौरतलब है कि सऊदी अरब में 10 मार्च को चांद का दीदार हो गया और इसके बाद भारत में पहला रोज़ा 12 मार्च को रखा गया।
इस मुकद्द्स महीने में दुनिया भर के मुसलमान सूरज निकलने से लेकर दिन ढलने तक उपवास यानी रोज़ा रखते हैं। रोज़ेदारों के लिए इस दौरान दो अहम मौके आते हैं जब वो भोजन कर सकते हैं, एक है इफ्तार, जो सूर्यास्त के बाद खाया जाता है, और दूसरा है सहरी, जो सूर्योदय से पहले खाया जाता है। इफ्तार के समय में भी हर दिन उतार-चढ़ाव होता है क्योंकि इनका समय सूर्य के निकलने पर निर्भर करता है।

रमज़ान का महीना शुरू हो चुका है तो इससे जुड़े कुछ सवाल भी मन में आते हैं। कुछ लोगों के मन में ये दुविधा रहती है कि क्या रमज़ान और रमादान एक है या फिर इनमें कोई अंतर है। इस लेख के माध्यम से चलिए इस बारे में जानने की कोशिश करते हैं कि रमदान और रमजान में क्या फर्क है।
रमज़ान और रमादान (Ramzan and Ramadan)
"रमज़ान" और "रमादान" दोनों ही एक ही ईस्लामिक माह को दर्शाते हैं। यह इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना है जो हर साल आता है। रमादान अरबी में बोलते हैं। रमजान फारसी में बोलते हैं और बरास्ते फारसी उर्दू/हिंदी में रमजान शब्द आया। रमज़ान और रमादान दोनों शब्दों में सिर्फ़ उच्चारण का फ़र्क़ है, मतलब एक ही है। ऐतिहासिक रूप से देखें तो भारतीय उपमहाद्वीप के ज्यादातर मुसलमान इस महीने को रमजान कहते आए हैं। फारसी भाषा से आया यह शब्द भारत में उर्दू से लेकर बांग्लाभाषी मुसलमानों तक समान रूप से प्रचलित रहा है। हालांकि इसके साथ ही पिछले तकरीबन दो दशक में रमजान के स्थान पर रमदान या रमादान (जिसे मुसलमान अरबी शब्द कहते हैं) बोलने का चलन तेजी से बढ़ा है।
रमदान और रमज़ान का मतलब क्या है? (Ramzan vs Ramadan)
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रमदान शब्द अरबी शब्द रामिडा या अर रमड से से बना है जिसका अर्थ होता है तेज जला देने वाली गर्मी। यह रमदा से भी बना है जो सूरज के द्वारा पक गए बालू को कहते हैं।
हजरत मोहम्मद के समय जब इस्लामी कैलेंडर (622), चालू हुआ तो रमजान का महीना भीषण गर्मी के दौरान हुआ करता था और जिस तरह से जला देने वाली गर्मी तन को जला डालती है, और सतह के जल को वाष्पित कर उड़ा डालती है उसी तरह यह माना जाता है कि रमजान के महीने में सारे पाप जल जाते हैं।
इसके अलावा, "रमज़ान" और "रमादान" के बारे में कोई अधिकांश मुख्य अंतर नहीं है। दोनों ही शब्द एक ही आयोजन को दर्शाने के लिए प्रयोग किए जाते हैं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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