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First Shukrawar of 2024: वर्षभर बनी रहेगी मां लक्ष्मी की कृपा, बस आज कर लें इन मंत्रों का जाप
Shukrwar Ke Upay: हिंदू धर्म में प्रत्येक दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित है। इसी तरह शुक्रवार का दिन धन की देवी माता लक्ष्मी और सुख-वैभव के ग्रह शुक्र को समर्पित है। शुक्र ग्रह को जीवन में भोग,विलास, रोमांस और भौतिक सुख सुविधाओं का कारक माना जाता है। साल 2024 का पहला शुक्रवार आज यानि 5 जनवरी को है।
भगवान विष्णु की पत्नी माता लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने के साथ साथ, कुंडली में शुक्र ग्रह को ठीक करने के लिहाज से साल का पहला शुक्रवार बहुत उत्तम है। इस दिन आप कुछ विशेष मंत्रों का जाप करके अपने जीवन में सुख समृद्धि को बढ़ा सकते हैं। आइये जानते हैं कि शुक्रवार के दिन किन मंत्रों के जाप से सौभाग्य में वृद्धि हो सकती है और साथ ही तिजोरी में धन का आगमन बढ़ सकता है।

लक्ष्मी माता का बीज मंत्र
ऊँ श्रींह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मी नम:।।
श्री लक्ष्मी महामंत्र
ऊँ श्रीं ल्कीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा।।
आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए मंत्र
ऊँ ह्रीं श्री क्रीं क्लीं श्री लक्ष्मी मम गृहे धन पूरये, धन पूरये, चिंताएं दूरये-दूरये स्वाहा:।।
सुख-समृद्धि के लिए माता लक्ष्मी का मंत्र
या रक्ताम्बुजवासिनी विलासिनी चण्डांशु तेजस्विनी।
या रक्ता रुधिराम्बरा हरिसखी या श्री मनोल्हादिनी॥
या रत्नाकरमन्थनात्प्रगटिता विष्णोस्वया गेहिनी।
सा मां पातु मनोरमा भगवती लक्ष्मीश्च पद्मावती ॥
शुक्र ग्रह तांत्रिक मंत्र
ऊँ ह्रीं श्रीं शुक्राय नम:
ऊँ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:
ऊँ वस्त्रं मे देहि शुक्राय स्वाहाशुक्र एकाक्षरी बीज मंत्र ||
शुक्र ग्रह पौराणिक मंत्र
ऊँ हिमकुन्दमृणालाभं दैत्यानां परमं गुरुम
सर्वशास्त्रप्रवक्तारं भार्गवं प्रणमाम्यहम ।।
शुक्र गायत्री मंत्र
"ॐ भृगुराजाय विद्महे दिव्य देहाय धीमहि तन्नो शुक्र प्रचोदयात्" ।।
शुक्र बीज मंत्र
ऊँ शुं शुक्राय नम:
शुक्र ग्रह वैदिक मंत्र
ऊँ अन्नात्परिस्रुतो रसं ब्रह्मणा व्यपिबत क्षत्रं पय: सेमं प्रजापति: ।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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