Sawan Somwar Sanskrit Wishes : सावन के पहले सोमवार पर शिवभक्तों को भेजें संस्कृत में ये श‍िवमयी शुभकामनाएं

Sawan Somwar Sanskrit Wishes : सावन माह में सोमवार का विशेष महत्व होता है और इसे एक पर्व की तरह श्रद्धा से मनाया जाता है। रामायण और महाभारत काल में भी इस दिन का उल्लेख मिलता है। कहा जाता है कि सावन के सोमवार को विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से उनका आशीर्वाद सदैव बना रहता है। विशेष रूप से इस दिन जलाभिषेक करने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और भक्तों को मनचाहा फल प्राप्त होता है।

सावन के पहले सोमवार के अवसर पर हम आपके लिए संस्कृत में मंत्र, श्लोक, शुभकामनाएं, स्टेटस, ग्रीटिंग्स और वॉलपेपर्स लेकर आए हैं। आप इन संदेशों को अपनों को भेजकर उन्हें सावन सोमवार की पावन शुभकामनाएं दे सकते हैं और इस दिव्य दिन को और भी खास बना सकते हैं।

Sawan Somwar Sanskrit Wishes

First Sawan Somwar Sanskrit Shlokas and Quotes

1. ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् | उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्|| सावन मास के पहले सोमवार की हार्दिक शुभकामनाएं।

2. ॐ नमः शिवाय सावन सोमवार की हार्दिक शुभकामनाएं...

3. नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांग रागाय महेश्वराय नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मे न काराय नम: शिवाय:॥ सावन मास की हार्दिक शुभकामनाएं

4. जटा टवी गलज्जलप्रवाह पावितस्थले गलेऽव लम्ब्यलम्बितां भुजङ्गतुङ्ग मालिकाम्‌। डमड्डमड्डमड्डमन्निनाद वड्डमर्वयं चकारचण्डताण्डवं तनोतु नः शिव: शिवम्‌ ॥१॥
सावन सोमवार की हार्दिक शुभकामनाएं

5. ॐ तत्पुरुषाय विद्महे, महादेवाय धीमहि, तन्नो रूद्र प्रचोदयात्।।
सावन मास के पहले सोमवार की शुभकामनाएं

6. ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय, धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
सावन मास के पहले सोमवार की शुभकामनाएं

7. नमामीशमीशान निर्वाणरूपं।
विभुं व्यापकं ब्रह्म वेदस्वरूपं।
निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं।
चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहं ।।
सावन मास के पहले सोमवार की शुभकामनाएं

Sawan Somwar Sanskrit Wishes

8. करचरणकृतं वाक् कायजं कर्मजं श्रावण वाणंजं वा मानसंवापराधं । विहितं विहितं वा सर्व मेतत् क्षमस्व जय जय करुणाब्धे श्री महादेव शम्भो। सावन मास के पहले सोमवार की शुभकामनाएं।
भोलेनाथ सदा कृपा बनाए रखना।

9. जटाकटाहसम्भ्रमभ्रमन्निलिम्पनिर्झरी
विलोलवीचिवल्लरीविराजमानमूर्धनि ।
धगद्धगद्धगज्ज्वलल्ललाटपट्टपावके
किशोरचन्द्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं मम: ।।
जय शिव शंकर जय भोलेनाथ।

10. महाद्रिपार्श्वे च तटे रमन्तं सम्पूज्यमानं सततं मुनीन्द्रैः।
सुरासुरैर्यक्षमहोरगाद्यै: केदारमीशं शिवमेकमीडे।।
शुभ मंगल सोमवार की मंगल कामना के साथ भगवान शिव का आशीर्वाद सदा आप पर बना रहे।

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