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आज की पूर्णिमा वैशाख पूर्णिमा होगी जिसे बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है। अंग्रेज़ी में मई माह की पूर्णिमा को 'फ्लावर मून' के नाम से भी जाना जाता है। मई वर्ष का पाँचवाँ महीना है और यह वह समय होता है जब वसंत ऋतु में फूलों की बहुतायत होती है, इसलिए इसे फ्लावर मून कहा जाता है।
आज यानी 5 मई को फ्लावर मून और पेनुमब्रल चंद्र ग्रहण जैसे दो दुर्लभ खगोलीय घटनाएं एक साथ होने जा रही हैं। यह स्टारगेज़र्स के लिए अद्भुत और जादुई घटना होगी।

सूर्य ग्रहण के विपरीत चन्द्र ग्रहण को नग्न आँखों से भी देखा जा सकता है। आज के मून को पेनुमब्रल फ्लावर मून लूनर एक्लिप्स कहा जाएगा। जानते हैं आज के फ्लावर मून के बारे में और जानकारियां, और क्या है चांद का फूलों से रिश्ता -
फ्लावर मून के नाम का रहस्य
मई की पूर्णिमा के उदय को 'फ्लावर मून' के रूप में जाना जाता है। मई वर्ष का पांचवां महीना है और यह वह समय होता है जब वसंत ऋतु में फूलों की बहुतायत होती है, इसलिए इसे फ्लावर मून कहा जाता है।
अमेरिका में अलग अलग महीनों के पूर्णिमा चांद को अलग अलग फूलों और उनके ब्लूम से जोड़कर देखा जाता है। मई माह के फ्लावर मून को अन्य नामों से भी जाना जाता है जैसे बडिंग मून और लीफ बडिंग मून, ये वसंत की वनस्पतियों के महत्व को चिह्नित करते हैं। इसके साथ एक दुर्लभ नाम प्लांटिंग मून भी जुड़ा है, जो बीज बोने के मौसम को संदर्भित करता है। इसके अलावा, ड्रैगन मून, मिल्क मून, ब्राइट मून, बीवर मून, कॉर्न प्लांटिंग मून और फ्रॉस्ट मून कुछ अन्य उपनाम हैं जो मई में फुल फ्लावर मून को दिए जाते हैं।
मई में पूर्णिमा को फ्लॉवर मून क्यों कहा जाता है?
फ्लावर मून मई महीने की पूर्णिमा है क्योंकि इस महीने के दौरान वसंत के फूल खिलते हैं। वैशाख पूर्णिमा वसंत की शुरुआत का प्रतीक है और यह वह समय होता है जब फूल बहुतायत में खिलने लगते हैं।

कौन देख पाएगा फ्लावर मून?
उत्तरी अमेरिका फ्लॉवर मून नहीं देख पाएगा और यूरोप के कुछ हिस्से और पूरे एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका और प्रशांत के कुछ हिस्से चंद्रमा को देख पाएंगे। भारत में मौसम साफ़ होने पर फ्लावर मून और चन्द्र ग्रहण दिख सकता है। इसे पेनुमब्रल चंद्र ग्रहण के रूप में जाना जाएगा और ऐसा इसलिए होगा क्योंकि पूर्ण "फ्लॉवर मून" कुछ घंटों के लिए पृथ्वी की धुंधली बाहरी छाया में स्थानांतरित हो जाएगा।
भारतीय समयानुसार पेनुमब्रल चन्द्र ग्रहण रात 08:44 से शुरू होगा और देर रात 1 बजे तक चलेगा। इसी दौरान फ्लावर मून और पेनुमब्रल चन्द्र ग्रहण की उर्जाएं आपस में मिलेंगी।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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