Fourth Sawan Somwar 2024: कब है सावन का चौथा सोमवार? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Fourth Sawan Somwar 2024 Kab Hai: भगवान देवों के देव महादेव शिव पुराण में पंच देवों में प्रमुख सनातन सिद्ध परमेश्वर के रूप में स्वीकार किया गया है। कहा जाता है कि सावन के पवित्र महीने की प्रत्येक सोमवार को भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने हेतु अनेकों उपाय तथा विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है।

इससे भक्तों को विशेष तौर लाभ प्राप्त होता है तथा उनके जीवन में आने वाले रोग, दोष एवं कष्टों से छुटकारा मिलता है। साथ ही जाने अनजाने में किए गए पापों से भी मुक्ति मिलती है। अभी सावन के पवित्र महीने की दो सोमवार बचे हुए हैं। सोमवार को पूजा अर्चना और व्रत रखने से सभी रुके हुए कार्य में प्रगति आती है।

Fourth Sawan Somwar 2024 Kab Hai Date Shubh Muhurat Samagri Puja Vidhi and significance in Hindi

इसके साथ ही सुख, शांति, समृद्धि की भी प्राप्ति होती है तथा मनवांछित फल भी प्राप्त होता है। वही विवाहित महिलाएँ दांपत्य जीवन की खुशहाली हेतु इस दिन विधिवत व्रत रखती है तथा अविवाहित कन्या एक योग्य वर हेतु इस दिन व्रत रखती है। सावन का चौथा सोमवार कब है? जाने तिथि, पूजा मुहूर्त और सामग्री आदि।

सावन 2024 के चौथे सोमवार की तिथि और शुभ मुहूर्त

सावन के पवित्र महीने का चौथा सोमवार व्रत शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को रखा जाएगा। सप्तमी तिथि 12 अगस्त को है। पंचांग के मुताबिक इस दिन ब्रह्म मुहूर्त प्रातः काल 4:23 से 5:06 तक रहेगा। वहीं अभिजीत मुहूर्त प्रातः काल 11:59 से दोपहर 12:52 तक रहेगा।

चौथे सोमवार की पूजा विधि -

सावन के पवित्र महीने में सोमवार व्रत का बहुत ही अधिक महत्व है। सावन सोमवारी को प्रातः काल सूर्योदय से पहले उठकर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें। इसके पश्चात देवी देवताओं की सच्ची श्रद्धा भाव के साथ ध्यान करें। इसके बाद भगवान सूर्य देव को जल का अर्घ्य दें। अब साफ एवं स्वच्छ चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछाएँ और भगवान शिव के साथ माता पार्वती की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। अब गंगाजल में दही, दूध, घी, शहद और पवित्र जल मिश्रित करके पंचामृत बनाएं। उसके बाद शिवलिंग का अभिषेक करें। बेलपत्र, पान, सुपारी और अक्षत इत्यादि चढ़ाये और माता पार्वती को सोलह सिंगार की वस्तुएं अर्पित करें। अब देसी घी का दीपक प्रज्वलित करें, इसके बाद श्रद्धा भाव के साथ आरती करें और विधिवत शिव मंत्रों का जाप करें। साथ ही इस दिन आप विधि विधान से शिव चालीसा का भी पाठ कर सकते हैं। इसके पश्चात गरीबों या जरूरतमंदों को दान दक्षिणा दें। खीर फल इत्यादि भी प्रसादी रूप में वितरण करें। अंत में लोगों को अपनी श्रद्धा अनुसार वस्त्र इत्यादि दान करें।

सावन सोमवार पूजा सामग्री सूची

लाल या पीला गुलाल
दूध
अक्षत
कलावा
दीपक
फल
फूल
सफेद मिठाई
कलंडर का फूल
पवित्र जल
गंगाजल
शहद
सफेद चंदन
भांग
धतूरा
बेलपत्र
धागा
कपूर
जनेऊ
घी
नए कपड़े
पंचमेवा
प्रदोष व्रत कथा पुस्तक
शिव चालीसा
हवन सामग्री धूप इत्यादि

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

Story first published: Sunday, August 11, 2024, 9:00 [IST]
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