Khatu Shyam Ji Shayari : हारे का सहारा, बाबा श्‍याम हमारा..एकादशी पर श्‍याम भक्‍तों को भेजें शुभकामनाएं

Khatu Shyam Ji Wishes and Shayari : खाटू श्याम बाबा का मुख्य दिन शुक्ल पक्ष की एकादशी, जिसे ग्यारस कहा जाता है, विशेष महत्व रखता है। वैष्णव मतानुसार भगवान विष्णु और उनके अवतार श्रीकृष्ण की पूजा का मुख्य दिन एकादशी है। चूँकि खाटू श्याम जी को भगवान कृष्ण का वरदान प्राप्त है, इसलिए यह दिन उनके लिए अत्यंत प्रिय माना जाता है। विशेष रूप से फाल्गुन मास की शुक्ल एकादशी का महत्व अधिक है, क्योंकि इसी दिन बाबा श्याम का शीश खाटू नगरी में प्रकट हुआ था।

ये ही वजह है क‍ि इसे श्याम बाबा का जन्मदिवस भी माना जाता है और इस अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा, भजन-कीर्तन और विशाल मेले का आयोजन होता है। द्वादशी के दिन भक्तजन ज्योत लेकर बाबा को चूरमा-बाटी का भोग अर्पित करते हैं। हर एकादशी पर खाटू धाम में भक्तों का सैलाब उमड़ता है। इस पावन अवसर पर आप भी अपने प्रियजनों को संदेश भेजकर कह सकते हैं - "श्याम बाबा की कृपा से आपका जीवन सुख-समृद्धि और भक्ति से परिपूर्ण हो।"

Khatu Shyam Wishes For Ekadashi

Khatu Shyam Ji Shayari In Hindi (एकादशी पर खाटू श्‍याम जी शायर‍ियां )

1. हाथों में ले श्याम ध्वजा, मन में ले विश्वास,
लो चल चले हम खाटू धाम, अब पूरे होगी आस।
।।जय श्री श्याम।।

2. जिन आंखों को श्याम के दर्शन की आदत हो,
वो आंखे अपने मुक्कदर पे रोया नहीं करती।।
Jai Shri Shyam Baba

3. शोभा तेरे रूप की बाबा, देख नाचे मन की मोर,
इत देखू, उत देखू, देखू चारों ओर,
तेरे जैसा बाबा ना कोई और।
।। जय श्री श्याम।।

4. मत घबराना विपदा से, श्याम दीवानों घड़ी घड़ी, तुझ पर आने से पहले,
विपदा को हरले मोर छड़ी।। ।। जय श्री श्याम।।

5. कोई कहता है कि सारा जमाना है मेरा; कोई कहता है अपना भी बेगाना है मेरा;
कोई कहता है कुबेर का खजाना है मेरा, पर मै कहता हु की श्याम के चरणों में ठिकाना है मेरा..
|| जय श्री श्याम ||

6. भाव भरे हों आँख में आँसू दर्द भरा हो तराना, दीन दयालु रुक नहीं सकता,
श्याम को पड़ता ही हैं आना।
|| जय श्री श्याम ||

7. मिश्री भी फीकी लगे अब, फीको गुड़ को स्वाद,
श्याम से प्रीत हुई जबसे और चखों प्रेम को स्वाद...!
|| जय श्री श्याम |

8. जब जब हूँ मैं बाबा हारा, श्याम तूने दिया सहारा,
जब जब ना मिला किनारा, श्याम तूने पार उतारा।
Jai Shri Shyam Baba

9. रूठी थी किस्मत मेरी भी अब मेहरबान हो गयी,
'श्याम' के नाम से ही अब मेरी पहचान हो गयी..
|| जय श्री श्याम ||

10. आँसू की हर बूंद,
तुम्हारी याद में गिरती हैं।
कभी मिलने से पहले गिरती है,
कभी मिलने के बाद गिरती है।।
।। जय श्री श्याम ।।

11. बाबा तेरी रहमतों के सहारे मैं पलता हूँ,
और तेरा ही नाम लेकर आगे बढ़ता हूँ।
बाबा तू मुझसे नजर ना फेरना कभी,
इक तू ही है जिसके सहारे मैं चलता हूँ।।
।। जय श्री श्याम।।

12. दुनियां पीट रही ढिंढोरा, श्याम तेरी दातारी का।
थोड़ा तो ख्याल करो, हमारी भी लाचारी का।।
।। जय श्री श्याम।।

13. कान्हां तेरे बिन तेरी तस्वीरों का क्या करूँ?
मैं तेरे खयालों की जंजीरों का क्या करूँ?
अश्कों को छुपा सकती हूँ पलकों में लेकिन
मैं तेरी यादों की जागीरों का क्या करूँ?
।। जय श्री श्याम।।

14. वो सुबह कैसी जिसमें तेरा नाम ना हो बाबा,
बिना तेरी खुशबू लिये कभी हमारी शाम ना हो बाबा,
हमारे रोम-रोम में बसे हो तुम श्याम,
वो पलकें ही क्या बाबा जो तेरी याद आये और नम न हो।
।। जय श्री श्याम।।

15. क्या लिखे हम दिल की हकीकत
हमारी आरजू बेहोश है।
खत पर है आंसुओं की बरसात
और कलम हमारी खामोश है।।
।। जय श्री श्याम ।।

16. सांवरे... जब से देखा नजारा आपका
दुनिया के नजारे भूल गये।
जब से पकड़ी चौखट आपकी
हम सारी चौखट भूल गये।।
।। जय श्री श्याम।।

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