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Hariyali Teej 2025: हरियाली तीज व्रत में ये 5 गलती भूलकर भी न करें! वरना व्रत हो जाएगा भंग
Hariyali Teej 2025: हरियाली तीज व्रत महिलाओं के लिए बहुत खास व्रत होता है जो सावन मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य के लिए रखती हैं। वहीं, कुंवारी कन्याएं भी अच्छे वर की प्राप्ति हेतु इस दिन व्रत करती हैं। हरियाली तीज का व्रत बहुत ही नियम, श्रद्धा और शुद्धता के साथ किया जाता है।
लेकिन कई बार अनजाने में की गई छोटी गलतियाँ व्रत की पवित्रता को भंग कर सकती हैं। ऐसे में व्रत करने से पहले जरूरी है कि आप जान लें कि क्या करना चाहिए और क्या नहीं, ताकि व्रत पूर्ण फलदायी हो सके और मां पार्वती की कृपा बनी रहे। आइए फिर जान लेते हैं कि हरियाली तीज पर क्या करें और क्या न करें।

हरियाली तीज व्रत में क्या करें
सोलह श्रृंगार अवश्य करें:
व्रत करने वाली महिलाएं पारंपरिक श्रृंगार करें, जैसे - बिंदी, चूड़ी, मेहंदी, साड़ी, झूमका आदि। यह माता पार्वती को अर्पित सौंदर्य भाव का प्रतीक है।
निर्जला व्रत रखें:
हरियाली तीज का व्रत प्रायः निर्जला (बिना जल के) रखा जाता है। यथासंभव जलग्रहण से बचें।
व्रत कथा अवश्य सुनें:
शिव-पार्वती की व्रत कथा सुनना इस दिन अत्यंत आवश्यक माना जाता है। कथा बिना व्रत अधूरा होता है।
भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें:
मिट्टी या धातु की मूर्तियों से सुसज्जित मंडप में शिव-पार्वती का पूजन करें। बेलपत्र, अक्षत, फल, फूल, दूर्वा आदि चढ़ाएं।
हरियाली तीज के गीत गाएं और झूला झूले:
परंपरा अनुसार महिलाएं लोकगीत गाती हैं और झूला झूलती हैं। यह उत्सव का हिस्सा है।

हरियाली तीज व्रत में क्या न करें
निंदनीय बातें या विवाद से बचें:
व्रत के दिन क्रोध, कलह, निंदा और अपशब्दों का प्रयोग वर्जित माना गया है।
दिन में सोना वर्जित है:
व्रती महिलाओं को इस दिन दिन में सोना नहीं चाहिए। यह व्रत भंग कर सकता है।
शुद्धता का विशेष ध्यान रखें:
पूजा स्थान, वस्त्र और तन-मन की पवित्रता बनाए रखें। बिना स्नान पूजा न करें।
अन्न और जल का सेवन न करें:
यदि आप व्रत रख रही हैं तो संकल्प अनुसार अन्न या जल ग्रहण न करें। यदि स्वास्थ्य कारणों से पूरी तरह से व्रत न हो पाए तो फलाहार करें।
काले या सफेद वस्त्र न पहनें:
इस दिन हरे रंग के वस्त्र शुभ माने जाते हैं। काले या बहुत अधिक सफेद वस्त्रों से बचें।
आस्था का प्रतीक है यह व्रत
हरियाली तीज न केवल एक धार्मिक व्रत है, बल्कि यह आस्था, प्रेम और सौंदर्य का उत्सव भी है। व्रत में थोड़ी सी सावधानी और नियमों का पालन करने से माता पार्वती की कृपा अवश्य प्राप्त होती है। तो इस हरियाली तीज पर नियमपूर्वक व्रत करें और अपने दांपत्य जीवन में सुख-शांति और सौभाग्य को स्थायी बनाएं।



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