Latest Updates
-
Lal Bahadur Shastri Jayanti 2026: क्या आप जानते हैं लाल बहादुर शास्त्री का असली नाम? जानें 10 रोचक तथ्य -
Gandhi Jayanti 2026: गांधी जी को 'बापू' क्यों कहा जाता है? जानें किसने दी थी 'महात्मा' की उपाधि -
Gandhi Jayanti Wishes 2026: हाथ में लाठी थी...गांधी जयंती पर अपनों को ये खास मैसेज भेजकर दें शुभकामनाएं -
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम -
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में खीर बनाते समय न करें ये गलती, नहीं तो नाराज हो सकते हैं पितर, जानें सही विधि -
Koffee With Karan 9: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ 22 साल बाद होगा खत्म, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगा आखिरी सीजन -
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय -
लाखों में बिकती है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, लेकिन बनाने का प्रोसेस जानकर फ्री में भी पीने से करेंगे तौबा! -
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है -
October 2026 Vrat Tyohar List: नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट
Hariyali Teej 2025: हरियाली तीज पर लाल रंग न पहनकर क्यों हरा रंग पहनती हैं सुहागिनें, जानें इसकी वजह
Hariyali Teej 2025: सावन मास में आने वाला हरियाली तीज व्रत महिलाओं के लिए अत्यंत खास होता है। यह त्योहार इस बार 27 जुलाई 2025, रविवार को मनाया जाएगा। सुहागिन स्त्रियां इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करके अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त करती हैं।
वहीं अविवाहित लड़कियां अच्छे जीवनसाथी की कामना करती हैं। हरियाली तीज पर सुहागिनें 16 शृंगार करती हैं और विशेष रुप से हरा रंग पहनती हैं। मगर कभी सोचा है कि सुहाग के इस पर्व पर महिलाएं लाल न पहनकर हरा रंग क्यों धारण करती हैं, इसके पीछे की वजह जानें।

हरे रंग का धार्मिक महत्व
हरियाली तीज के दिन हरा रंग विशेष रूप से शुभ माना जाता है। मान्यता है कि सावन में प्रकृति चारों तरफ हरी चादर ओढ़ लेती है, ऐसे में यह रंग हरियाली, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक बन जाता है। धार्मिक दृष्टि से भगवान शिव को प्रकृति और हरियाली प्रिय हैं। इस कारण हरियाली तीज के दिन हरे रंग के वस्त्र, चूड़ियां, और मेहंदी लगाना अत्यंत शुभ माना गया है।
सोलह श्रृंगार में हरे रंग की भूमिका
हरियाली तीज पर महिलाएं पूरे सोलह श्रृंगार करती हैं। इस दिन खासतौर पर हरी साड़ी, हरी चूड़ियां, हरी बिंदी और हरी मेहंदी का उपयोग करती हैं। मान्यता है कि इस दिन हरी चूड़ियां पहनने से पति की उम्र लंबी होती है और वैवाहिक जीवन में प्रेम बढ़ता है। यह शिव-पार्वती की कृपा प्राप्त करने का उत्तम अवसर माना जाता है।
ज्योतिष में हरे रंग का महत्व
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हरा रंग बुध ग्रह का कारक होता है। यह ग्रह बुद्धिमत्ता, वाणी, व्यापार और तर्क शक्ति से संबंधित होता है। सावन में हरे वस्त्र धारण करने से बुध ग्रह की शुभता बढ़ती है और मानसिक स्थिरता में वृद्धि होती है। यही कारण है कि हरियाली तीज के दिन हरा रंग धारण करने की परंपरा बन गई है।
हरे रंग से मन को मिलती है शांति
हरियाली तीज पर महिलाएं निर्जला व्रत करती हैं, ऐसे में शरीर और मन पर प्रभाव पड़ता है। मन की शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए हरा रंग बहुत लाभकारी माना गया है। यह मानसिक तनाव को कम करता है और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।



Click it and Unblock the Notifications
