Hariyali Teej 2025: 27 या 28 जुलाई कब है हरियाली तीज का व्रत? जानें पूजा विधि, और शुभ मुहूर्त

Hariyali Teej Date: हरियाली तीज का पर्व महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। यह त्योहार सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है और इस दिन सुहागन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखमय वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखती हैं। साथ ही विवाहित और अविवाहित कन्याएं भी इस व्रत को अच्छे जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए करती हैं। हरियाली तीज पर महिलाएं हरे रंग के सुंदर और पारंपरिक परिधान पहनती हैं हाथों में मेहंदी लगाती हैं और झूला झूलती हैं।

हरियाली तीज शिव-पार्वती के पुनर्मिलन का प्रतीक है और इसे श्रंगार, भक्ति और प्रकृति के उत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। बीते कुछ समय से हर त्योहार की तारीख की लेकर कंफ्यूजन बना रहता है, ऐसा ही कुछ हरियाली तीज को लेकर भी है। आइए इस कंफ्यूजन को दूर करते हैं और जानते हैं कि कब है हरियाली तीज, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त भी।

कब है हरियाली तीज?

हरियाली तीज को लेकर महिलाओं में काफी उत्साह है। हर कोई इस खास दिन की तैयारी में लगा है लेकिन इसी बीच हरियाली तीज की सही तिथि को लेकर असमंजस बना हुआ है। बता दें कि हरियाली तीज सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है तो इस हिसाब से इस साल 27 जुलाई 2025 दिन रविवार को हरियाली तीज पड़ रही है। हिंदू पंचांग के अनुसार, 26 जुलाई 2025 की रात 10 बजकर 41 मिनट से शुक्ल तृतीया तिथि आरंभ हो जाएगी जो 27 जुलाई की रात को 10 बजकर 41 मिनट तक रहेगी। बता दें कि हर त्योहार को उदय तिथि के अनुसार मनाया जाता है तो इस ऐसे में 27 जुलाई को हरियाली तीज मनाई जाएगी।

Hariyali Teej Date

क्या है शुभ मुहुर्त?

हरियाली तीज 27 जुलाई 2025 दिन रविवार को मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार, हरियाली तीज पर रवि का शुभ योग बन रहा है। ये शुभ योग रविवार की शाम 4 बजकर 23 मिनट से शुरू होगा और 28 जुलाई दिन सोमवार को सुबह 5 बजकर 40 मिनट तक रहेगा। शास्त्रों के अनुसार, रवि योग में पूजा करना और व्रत रखना बहुत शुभ माना जाता है जो अच्छा और शुभदायी फल देता है।

हरियाली तीज की पूजा विधि (Puja Vidhi)

हरियाली तीज पर महिलाएं सुबह ब्रह्ममुहूर्त में स्नान कर व्रत का संकल्प लें और साफ हरे वस्त्र धारण करें।
विवाहित महिलाएं संपूर्ण श्रृंगार करें और हरी चूड़ी, बिंदी, साड़ी आदि पहनें ये इस दिन के लिए शुभ माना जाता है।
मिट्टी या धातु की पार्वती जी की मूर्ति को स्थापित करें और पंचामृत से स्नान कराकर श्रृंगार करें।
मीठा, पूड़ी-सब्जी, घेवर आदि का भोग लगाएं।
हरियाली तीज व्रत कथा का पाठ करें और अंत में शिव-पार्वती की आरती करें।
परंपरागत रूप से महिलाएं झूले पर झूलती हैं और लोकगीत गाकर उत्सव मनाती हैं।

Hariyali Teej Date

हरियाली तीज का महत्व

हरियाली तीज का पर्व देवी पार्वती के तप और शिव जी से पुनर्मिलन की स्मृति में मनाया जाता है। 108 जन्मों तक तप करने के बाद माता पार्वती को भगवान शिव पति रूप में प्राप्त हुए थे। इस दिन स्त्रियां माता पार्वती की तरह समर्पण और तप का प्रतीक बनकर व्रत रखती हैं। विवाहित महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत रखती हैं और देवी पार्वती से अपने पति की लंबी उम्र, सुख-शांति और समृद्ध दांपत्य जीवन की कामना करती हैं।

Story first published: Thursday, July 17, 2025, 12:57 [IST]
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