Hartalika Teej: हरतालिका तीज के दिन न करें ये भूल, वरना पति पर टूट सकता है दुखों का पहाड़

Hartalika Teej Par Kya Na Kare: अखंड सौभाग्य और सुखी दाम्पत्य जीवन की प्राप्ति के लिए रखा जाने वाला हरतालिका तीज का त्यौहार आने वाला है। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाले इस तीज के दिन सुहागन महिलाएं एक कठिन और निर्जला व्रत का पालन करती हैं।

इस दिन मां गौरी और महादेव शिव की पूजा अर्चना की जाती हैं और उनसे अच्छे वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद मांगा जाता है। इस दिन नियम से पूजा और व्रत कसा पालन करना जरूरी माना जाता है क्योंकि किसी भी भूल से मां पार्वती और शिव नाराज़ हो सकते हैं।

Hartalika Teej 2023 Ke Din Kya Na Kare: Never Do These Things on Hartalika Teej

जानते हैं ऐसी कौन सी बाते हैं जिनका महिलाओं को हरतालिका तीज के दिन बेहद ख़ास ख्याल रखना चाहिए -

अन्न-जल का बिलकुल भी सेवन ना करें

हरतालिका तीज एक निर्जला व्रत होता है। इस दिन किसी भी प्रकार का खाद्य पदार्थ या पानी नहीं ग्रहण किया जाता है। पुरे दिन व्रत का पालन करने के बाद अगले दिन सूर्योदय के बाद व्रत खोला जाता है। ऐसे में इस पूरे दिन गलती से भी किसी खाद्य पदार्थ को ना खाएं।

रात भर करें जागरण

हरतालिका तीज के दिन रात भर जागरण किया जाता है। व्रत रखे हुई महिलाएं रात भर सोती नहीं बल्कि अपने सौभाग्य के लिए देवी देवताओं का स्मरण करके प्रार्थना करती हैं। व्रत का पालन करने के बाद रात में सोना अशुभ माना जाता है। इसलिए रात भर जागने का प्रयास करें और सूर्योदय के बाद व्रत खोलकर आराम करें।

क्रोध करने से बचें

हरतालिका तीज बेहद शुभ पर्व माना जाता है। इसलिए इस व्रत के पालन के समय महिलाओं को अपने व्यवहार का ख़ास ख्याल रखना चाहिए। उनको क्रोध और ईर्ष्या जैसे भावनाओं पर नियंत्रण रखना चाहिए और सौम्य स्वभाव का पालन करना चाहिए।

मांस मदिरा का न हो घर में उपयोग

यह व्रत बेहद ही शुभ होता है और वैवाहिक जीवन के लिए महत्वपूर्ण भी। ऐसे में इस बात का ख्याल रखें कि घर में तीज की समयावधि में मांस मदिरा का सेवन ना हो। घर में किसी भी प्रकार का तामसिक पदार्थ नहीं होना चाहिए।

बड़ों का ना करें अपमान

व्रत वाले दिन घर के सभी बड़े सदस्यों का सम्मान करें और उनसे आशीर्वाद प्राप्त करें। इस दिन अपने पति से भी किसी बात पर झगडा नहीं करना चाहिए। इस दिन मन में किसी तरह का खोट ना लाएं और मन को निर्मल रखें

कथा सुनना ना भूलें

इस दिन भगवान् की अराधना के साथ साथ कथा सुन्नी भी बहुत ज़रूरी होती है। पूजा के दौरान हरतालिका तीज कि कथा ज़रूर सुनें।

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

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