Jyeshta Maas 2023 Mistake: शुरू हो चुका है ज्येष्ठ माह, कर्ज और दरिद्रता से बचने के लिए न करें ये गलतियां

हिंदू धर्म में जिस तरह से सप्ताह के प्रत्येक दिन किसी न किसी भगवान और देवी-देवताओं को समर्पित हैं, इसी तरह हिंदू कैलेंडर पंचांग के हर महीने की भी अपनी विशेष महत्ता है।

हिंदू महीनों का क्रम इस प्रकार है: चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, सावन, भादो, अश्विन, कार्तिक, अगहन, पौष, माघ, फागुन। ज्येष्ठ माह पंचांग के अनुसार तीसरा महीना है।

Jyeshtha Maas 2023 Dos and Donts: jeth ke mahine mein kya kare or kya na kare

ज्येष्ठ माह का अपना विशेष महत्व है। यह महीना भगवान विष्णु, सूर्य देव, वरुण देव और बजरंगबली को समर्पित माना जाता है। इस महीने में इनका पूजन करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। हालांकि इस माह में कुछ सावधानियां बरतने की भी सलाह दी जाती है ताकि इनके प्रकोप से बचा जा सके। आइये जानते हैं कि ज्येष्ठ माह में किन कामों की सख्त मनाही है और किन कामों को करने से पुण्य की प्राप्ति होगी।

ज्येष्ठ माह में क्या न करें?
ज्येष्ठ माह में गर्मी का प्रकोप बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को दिन में एक ही बार भोजन करने की सलाह दी जाती है। साथ ही इस पूरे माह मसालेदार और गरिष्ठ भोजन करने से बचें।

ज्येष्ठ महीने में बैंगन, राई, लहसुन जैसी गर्म तासीर वाली चीजों का सेवन न करें। सेहत के लिहाज से ये अच्छा नहीं माना जाता है। इससे पेट संबंधी विकार हो सकता है। वहीं ये भी मान्यता है कि ज्येष्ठ माह में इनके सेवन से संतान पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

माना जाता है कि इस महीने में दिन में सोने से बीमारियां होने की संभावना बढ़ जाती है।
घर की बरकत बनाये रखना चाहते हैं तो इस महीने में जल की बर्बादी बिल्कुल भी न करें। पानी की बर्बादी आपके जीवन में धन की हानि का कारण बन सकती है।

ज्येष्ठ महीने में आने वाले मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है। इस दिन का धार्मिक महत्व भी है। ऐसी स्थिति में आप मंगलवार के दिन पैसे उधार देने से बचें। इस दिन कर्ज में दिए पैसे की भरपाई होना मुश्किल माना जाता है।

Jyeshtha Maas 2023 Dos and Donts: jeth ke mahine mein kya kare or kya na kare

ज्येष्ठ महीने में क्या करें?
ज्येष्ठ महीने में सूर्य देव की ताकत बढ़ जाती है और उसका असर प्रचंड गर्मी के रूप में नजर आता है। सूर्य देव की कृपा पाने के लिए इस माह उनका पूजन करें और रोज सुबह उन्हें जल चढ़ाएं।

भगवान विष्णु का आशीर्वाद पाने के लिए उनकी मूर्ति पर चंदन का लेप लगाएं। माना जाता है ऐसा करने से उन्हें भी गर्मी से राहत मिलती है और वो प्रसन्न होते हैं।

ज्येष्ठ माह में वरुण देव की पूजा की जाती है। जल का सही उपयोग करें और उसका संचय करके रखें। समझदारी पूर्वक जल का इस्तेमाल करने से वरुण देव प्रसन्न होते हैं।

इस भीषण गर्मी में लोगों को पानी जरूर पिलाएं। जरूरतमंदों के लिए घड़े की व्यवस्था कर उसमें स्वच्छ जल उपलब्ध कराएं। पक्षियों और जानवरों के लिए भी पीने के पानी की व्यवस्था करें। पेड़-पौधों को भी समय समय पर पानी देते रहें।

ज्येष्ठ माह हनुमान जी से भी संबंधित है। माना जाता है कि इसी माह में बजरंगबली की मुलाकात उनके प्रिय श्री राम से हुई थी। इस माह उनका ध्यान करने से विशेष फल की प्राप्ति होगी।

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

Story first published: Monday, May 8, 2023, 18:30 [IST]
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