Latest Updates
-
Quick 15 Minute Shrimp Masala Recipe: घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा चटपटा स्वाद -
कौन हैं क्रिकेटर आकाश दीप की पत्नी अक्षिता राज? खूबसूरती में नहीं हीरोइन से कम, शादी की पहली तस्वीर आई सामने -
5 Minute Street Style Bread Pakoda Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसा कुरकुरा नाश्ता -
World Vitiligo Day 2026: विटिलिगो (सफेद दाग) में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं? जानिए एक्सपर्ट से -
Simple Homestyle Chicken Curry Recipe: घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा स्वाद -
Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी के दिन बाल-नाखून कटवा सकते हैं या नहीं? दूर करें कंफ्यूजन -
Nirjala Ekadashi Rules for Couples: क्या निर्जला एकादशी पर पति-पत्नी बना सकते हैं शारीरिक संबंध? -
Nirjala Ekadashi 2026 Wishes In Sanskrit: निर्जला एकादशी पर इन संस्कृत श्लोकों और संदेशों से दें अपनों को बधाई -
Summer Special Thick Mango Lassi Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसी क्रीमी और गाढ़ी लस्सी -
Aaj Ka Rashifal 25 June 2026: गुरुवार को इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन लाभ के साथ मिलेगा बड़ा सरप्राइज
Kaal Bhairav Jayanti 2024: 22 या 23 नवंबर, किस दिन पड़ रही है काल भैरव जयंती, देखें शुभ मुहूर्त, सरल पूजा विधि
Kaal Bhairav Jayanti 2024 Kab Hai: कालाष्टमी के दिन भगवान काल भैरव की पूजा करना विशेष फलदायक माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन पूजा से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।
हर साल मार्गशीर्ष मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को काल भैरव जयंती मनाई जाती है। इस वर्ष यह पावन दिन 22 नवंबर 2024 को पड़ेगा।

काल भैरव जयंती 2024 की तिथि और शुभ मुहूर्त
- अष्टमी तिथि आरंभ: 22 नवंबर 2024, सायं 6:07 बजे
- अष्टमी तिथि समाप्त: 23 नवंबर 2024, रात्रि 7:56 बजे
- मुख्य पूजा दिवस: 22 नवंबर 2024
इस दिन ब्रह्म योग, इंद्र योग और रवि योग जैसे शुभ संयोग बन रहे हैं।
शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:54 से 5:48 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:36 से 12:19 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 1:43 से 2:25 बजे तक
- अमृत काल: दोपहर 3:27 से शाम 5:10 बजे तक
काल भैरव जयंती की सरल पूजा विधि
1. प्रातः स्नान और स्वच्छता:
सूर्योदय से पहले स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल को अच्छे से साफ करें।
2. मूर्ति स्थापना और पूजन सामग्री:
- घर के मंदिर में भगवान शिव, माता पार्वती और काल भैरव की मूर्ति स्थापित करें।
- पूजा स्थान पर लाल या पीला वस्त्र बिछाएं।
- देवताओं को पुष्प और माला अर्पित करें।
3. दीप प्रज्वलन और तिलक:
- चौमुखी दीपक जलाएं।
- अबीर, गुलाल, और अष्टगंध से देवी-देवताओं का तिलक करें।
4. पूजन और आरती:
- श्रद्धा भाव से भगवान शिव, पार्वती और काल भैरव की पूजा करें।
- भजन-कीर्तन करें और काल भैरव चालीसा का पाठ करें।
- "ॐ काल भैरवाय नमः" का जाप करें।
5. दान और सेवा:
- काले कुत्तों को मीठी रोटी खिलाएं।
- गरीबों को दान और भोजन कराएं।
6. व्रत और ध्यान:
- व्रत रखकर पूरे दिन भगवान की आराधना करें।
पूजा के दौरान भगवान काल भैरव को प्रसन्न करने के लिए सच्चे मन और श्रद्धा भाव से पूजा करें। इससे जीवन की परेशानियां दूर होंगी और सुख-शांति प्राप्त होगी।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications