Latest Updates
-
Delhi-NCR में भूकंप के झटको से कांपी धरती, क्या बाबा वेंगा की खौफनाक भविष्यवाणी सच होने वाली है? -
Aaj Ka Rashifal 4 April 2026: शनिवार को इन 5 राशियों पर होगी धनवर्षा, जानें अपनी राशि का भाग्य -
चेहरे पर पड़े चेचक के दाग हटाने के 5 घरेलू उपाय, जिद्दी गड्ढों और माता के निशान से पाएं छुटकारा -
क्यों मनाया जाता है World Rat Day? सबसे पहले किस देश में पैदा हुए चूहे, कैसे पूरी दुनिया में पहुंचे? -
International Carrot Day 2026: 4 अप्रैल को ही क्यों मनाया जाता है विश्व गाजर दिवस? जानें रोचक कहानी -
Bridal Blouse Designs: लेटेस्ट ब्राइडल ब्लाउज बैक डिजाइन, डोरी से लेकर हैवी एम्ब्रॉयडरी तक, देखें 7 पैटर्न्स -
कंडोम की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं? जानें ईरान-इजरायल युद्ध का असर और कपल्स के लिए सेफ्टी टिप्स -
Musibat ki Dua: दुख, तंगी और गम से निजात की इस्लामी दुआएं, इनके जरिए होती है अल्लाह से सीधी फरियाद -
कहीं आप प्लास्टिक राइस तो नहीं खा रहे आप? इन 5 आसान तरीकों से करें असली-नकली की पहचान -
Good Friday 2026: 'सब पूरा हुआ'... इन खास संदेशों और कोट्स के साथ अपनों को भेजें गुड फ्राइडे की शुभकामनाएं
Karwa Chauth FAQs: मुहूर्त, सरगी, चंद्रोदय समय, करवा चौथ 2023 से जुड़े आपके सभी सवालों के जवाब मिलेंगे यहां
कब है करवाचौथ 2023?
कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को आने वाला यह पर्व इस वर्ष 1 नवंबर को मनाया जाएगा।
करवाचौथ 2023 का शुभ पूजा मुहूर्त क्या है?
1 नवंबर को पूजा का शुभ मुहूर्त 05:44 बजे से 07:02 तक रहेगा। इसी मुहूर्त में पूजा को संपन्न करें।

करवाचौथ 2023 के दिन चंद्रमा कब दिखाई देगा?
करवाचौथ के दिन पूरे दिन भर सुहागन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और रात में चंद्रोदय के बाद चाँद को अर्घ्य देकर ही व्रत खोलती हैं। 1 तारीख को रात 08:26 बजे चाँद दिखाई देगा। हालांकि देश के अलग अलग शहरों में चंद्रोदय के समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।

करवाचौथ व्रत के दिन किसकी पूजा की जाती है?
करवा चौथ के दिन मुख्यतः करवा माता की पूजा की जाती है। इसके साथ ही माता पार्वती, भगवान शिव, कार्तिकेय और गणेश जी की जाती है। वहीं व्रत का अंत चंद्रमा को अर्घ्य देकर किया जाता है।
करवाचौथ का व्रत कौन रख सकता है?
करवाचौथ का व्रत सुहागन महिलाओं द्वारा रखा जाता है। कई परिवारों में सगाई किये हुए जोड़े भी अपने मंगेतर के लिए यह व्रत रखती हैं।
करवा चौथ व्रत का क्या महत्व है?
धार्मिक मान्यता अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव के लिए यह व्रत रखा था। इसके साथ ही द्रौपदी ने भी पांडवों की रक्षा के लिए यह व्रत रखा था। इस व्रत को पूरा करने से दांपत्य जीवन में सौभाग्य की प्राप्ति होती है और पति को अच्छे स्वास्थ्य व दीर्घायु की प्राप्ति होती है।
सोलह श्रृंगार में क्या क्या होता है?
सिन्दूर, कुमकुम, मेहंदी, लाल/हरी चूड़ियाँ, लाल चुनरी, बिंदी, काजल, मंगलसूत्र, गजरा, नथ, झुमके, बिछिया, पायल, अंगूठी, मांगटीका।

सरगी में क्या क्या रखें?
करवाचौथ व्रत वाले दिन महिलायें सूर्योदय से पहले जो भोजन ग्रहण करती है उसको सरगी कहते हैं। इस भोजन भरपूर मात्र में कार्बोहाइड्रेट, जल और पोषक तत्व होने चाहिए जिससे पूरे दिन निर्जला व्रत रखा जा सके। सरगी की थाली में मेवे, ताज़े फल, दूध, मिठाई, हरी सब्जियाँ या पनीर और रोटी व चीला रख सकते हैं। इसके साथ ही नारियल पानी पीने से दिनभर शरीर हाइड्रेट रहेगा।
करवा चौथ पूजा सामग्री में क्या क्या होता है?
करवाचौथ व्रत की कथा, मौली, अक्षत, कुमकुम, रोली, चन्दन, फूल, कलश भर जल, हल्दी, चावल, मिठाई, कच्चा दूध, चावल, पान, मिट्टी का करवा (कलश), दही, देसी घी, शक्कर, शहद, नारियल, करवा माता की तस्वीर और छलनी।
करवा चौथ की थाली में क्या क्या सामान होता है?
करवा, छलनी, दीपक, सिन्दूर, पानी का लोटा, मिट्टी के 5 डेलिया, कांस की तीलियां और मिठाई।
करवा चौथ की कथा कब पढ़नी-सुननी चाहिए?
करवा चौथ की कथा सुनने के लिए अभिजीत मुहूर्त शुभ है।
1 नवंबर अभिजीत मुहूर्त - 11 बजकर 45 मिनट से लेकर 12 बजकर 45 मिनट तक
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











