Latest Updates
-
जुबिन नौटियाल ने उत्तराखंड में गुपचुप रचाई शादी, जानें कौन है सिंगर की दुल्हन -
Mango Varieties In India: तोतापुरी से लेकर बंगीनापल्ली तक, जानें भारत की प्रसिद्ध आम की किस्में और इनकी पहचान -
Heatwave Alert: दिल्ली समेत कई राज्यों में हीटवेव का अलर्ट, जानें भीषण गर्मी का सेहत पर असर और बचाव के टिप्स -
Guru Bhairavaikya Mandira: कर्नाटक का गुरु भैरवैक्य मंदिर क्यों है इतना खास? जिसका पीएम मोदी ने किया उद्घाटन -
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर भूलकर भी न खरीदें ये 5 चीजें, दरवाजे से लौट जाएंगी मां लक्ष्मी -
डायबिटीज में चीकू खाना चाहिए या नहीं? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट -
Aaj Ka Rashifal 16 April 2026: सर्वार्थ सिद्धि योग से चमकेगा तुला और कुंभ का भाग्य, जानें अपना भविष्यफल -
Akshaya Tritiya पर किस भगवान की होती है पूजा? जानें इस दिन का महत्व और पौराणिक कथा -
Parshuram Jayanti 2026 Sanskrit Wishes: परशुराम जयंती पर इन संस्कृत श्लोकों व संदेशों से दें अपनों को बधाई -
कौन हैं जनाई भोंसले? जानें आशा भोसले की पोती और क्रिकेटर मोहम्मद सिराज का क्या है नाता?
करवे के बिना अधूरा है सुहागिनों का करवाचौथ व्रत, जानें पूजा की थाली में कितने करवे रखना होता है शुभ
Karwa Chauth Ki Thali Me Kitne Karwe Rakhe: करवा चौथ का पर्व हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए कठिन व्रत रखती हैं। इस वर्ष करवा चौथ 20 अक्टूबर, रविवार को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत से जीवन में खुशहाली आती है और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
करवा चौथ के दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और माता करवा की पूजा करती हैं। यह व्रत कार्तिक माह की पूर्णिमा के चौथे दिन मनाया जाता है। इस दिन की पूजा विशेष विधियों के साथ की जाती है। मान्यता है कि व्रत रखने से सौभाग्य में वृद्धि होती है और निसंतान दंपत्ति को संतान सुख मिलता है।

करवा चौथ 2024 पर चंद्रमा निकलने का समय (Karwa Chauth 2024 Moon Rise Timing)
करवा चौथ की पूजा शाम 5:40 से 7:02 बजे तक की जाएगी। चंद्रमा 7:54 बजे निकलेगा, इस समय चंद्रमा को अर्घ्य दें और शुभ मुहूर्त में ही पूजा करें।
करवा चौथ की थाली में करवे कैसे रखें? (Karwa Chauth Thali Items)
करवा चौथ की पूजा में करवा रखना अनिवार्य माना जाता है। कई महिलाएं एक करवा रखती हैं और उसे अनाज से भर देती हैं। दो करवे में एक में अनाज और दूसरे में गंगाजल रखा जाता है। कुछ महिलाएं तीन करवे भी रखती हैं-एक सुहाग के लिए, दूसरा माता करवा के लिए और तीसरा संतान के लिए। करवे की संख्या और उनकी परंपराएं क्षेत्रीय मान्यताओं के अनुसार बदलती हैं, इसलिए घर के बड़े बुजुर्गों से सलाह लेकर पूजा करें।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











