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किसी भी धार्मिक या मांगलिक कार्यों को संपन्न करने के लिए हिन्दू धर्म में शुभ अशुभ मुहूर्त को विशेष महत्व दिया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ मुहूर्त में किये गये कार्य ही सफ़ल होते हैं। खरमास की शुरुआत होते ही मांगलिक कार्यों पर पाबंदी लग जाती है, क्योंकि यह समय शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता।
मान्यता अनुसार खरमास में मांगलिक कार्यों के लिए देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त नहीं होता है इसलिए इसकी समाप्ति के बाद ही विवाह जैसे मांगलिक कार्य शुरू होते हैं। परन्तु इस बार 14 अप्रैल को खरमास समाप्ति के बाद भी मांगलिक कार्य शुरू नहीं होंगे। जानते हैं क्यों खरमास के बाद भी तुरंत नहीं शुरू होंगे मांगलिक कार्य और कब से शुभ मुहूर्त की होगी शुरुआत।

कब हो रही है खरमास की समाप्ति?
इस वर्ष खरमास 15 मार्च से शुरू हुए थे जिसका अंत 14 अप्रैल को होगा। 14 अप्रैल को दोपहर 03 बजकर 12 मिनट पर सूर्य का मेष राशि में प्रवेश होते ही खरमास का अंत हो जाएगा। परन्तु इसके बाद भी मांगलिक कार्यों की शुरुआत नहीं होगी।
क्यों नहीं शुरू होंगे मांगलिक कार्य?
मांगलिक कार्यों के लिए खरमास माह की समाप्ति के साथ साथ गुरु का उदय होना भी ज़रूरी होता है। 28 मार्च से गुरु अस्त अवस्था में मेष राशि से बाहर हैं। 22 अप्रैल को गुरु अस्त अवस्था में ही मेष राशि में प्रवेश करेंगे, और 27 अप्रैल को सुबह 02 बजकर 07 मिनट पर मेष राशि में उदित होंगे। इसके बाद ही मांगलिक कार्यों के मुहूर्तों की शुरुआत होगी।
मई और जून में पड़ेगी विवाह की शुभ तिथियां
मई माह में 6, 8, 9, 10, 11, 15, 16, 20 21, 22, 27, 29 और 30 तारीखों को विवाह का शुभ मुहूर्त रहेगा।
वहीं जून महीने में 1, 3, 5, 6, 7, 11, 12, 23, 24, 26 और 27 तारीखों को विवाह मुहूर्त रहने वाला है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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