Latest Updates
-
International Literacy Day 2026: क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम -
International Literacy Day 2026: साक्षरता दिवस पर ये संदेश भेज सबको करें जागरूक, बताएं पढ़ने-लिखने का महत्व -
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य -
Aja Ekadashi 2026: नारायण की कृपा...इन संदेशों के साथ अपने प्रियजनों को भेजें अजा एकादशी की शुभकामनाएं -
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय -
Teacher's Day 2026: 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानिए क्या है इसका इतिहास और महत्व -
Teacher's Day 2026 Sanskrit Wishes: इन संस्कृत श्लोकोंं के जरिए गुरुजनों को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Teacher’s Day 2026 Wishes: गुरु का ज्ञान...इन संदेशों के साथ अपने टीचर्स को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Dahi Handi 2026: 5 या 6 सितंबर, कब है दही हांडी? जानें क्यों और कैसे मनाते हैं ये पर्व
Kharmas End Date 2023: जानें खरमास खत्म होने के बाद भी क्यों नहीं है शादी के मुहूर्त, देखें कब बजेगी शहनाई
किसी भी धार्मिक या मांगलिक कार्यों को संपन्न करने के लिए हिन्दू धर्म में शुभ अशुभ मुहूर्त को विशेष महत्व दिया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ मुहूर्त में किये गये कार्य ही सफ़ल होते हैं। खरमास की शुरुआत होते ही मांगलिक कार्यों पर पाबंदी लग जाती है, क्योंकि यह समय शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता।
मान्यता अनुसार खरमास में मांगलिक कार्यों के लिए देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त नहीं होता है इसलिए इसकी समाप्ति के बाद ही विवाह जैसे मांगलिक कार्य शुरू होते हैं। परन्तु इस बार 14 अप्रैल को खरमास समाप्ति के बाद भी मांगलिक कार्य शुरू नहीं होंगे। जानते हैं क्यों खरमास के बाद भी तुरंत नहीं शुरू होंगे मांगलिक कार्य और कब से शुभ मुहूर्त की होगी शुरुआत।

कब हो रही है खरमास की समाप्ति?
इस वर्ष खरमास 15 मार्च से शुरू हुए थे जिसका अंत 14 अप्रैल को होगा। 14 अप्रैल को दोपहर 03 बजकर 12 मिनट पर सूर्य का मेष राशि में प्रवेश होते ही खरमास का अंत हो जाएगा। परन्तु इसके बाद भी मांगलिक कार्यों की शुरुआत नहीं होगी।
क्यों नहीं शुरू होंगे मांगलिक कार्य?
मांगलिक कार्यों के लिए खरमास माह की समाप्ति के साथ साथ गुरु का उदय होना भी ज़रूरी होता है। 28 मार्च से गुरु अस्त अवस्था में मेष राशि से बाहर हैं। 22 अप्रैल को गुरु अस्त अवस्था में ही मेष राशि में प्रवेश करेंगे, और 27 अप्रैल को सुबह 02 बजकर 07 मिनट पर मेष राशि में उदित होंगे। इसके बाद ही मांगलिक कार्यों के मुहूर्तों की शुरुआत होगी।
मई और जून में पड़ेगी विवाह की शुभ तिथियां
मई माह में 6, 8, 9, 10, 11, 15, 16, 20 21, 22, 27, 29 और 30 तारीखों को विवाह का शुभ मुहूर्त रहेगा।
वहीं जून महीने में 1, 3, 5, 6, 7, 11, 12, 23, 24, 26 और 27 तारीखों को विवाह मुहूर्त रहने वाला है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
