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Mahashivratri 2024: शिव मंदिर में क्यों बजायी जाती है तीन बार ताली, जानें रावण से इसका क्या है संबंध
Shiv Mandir Me Kyu Bajayi Jati Hai Teen Baar Taali: हिन्दू धर्म में पूजा अर्चना के कुछ नियम के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया है। अगर भगवान भोलेनाथ के मंदिर में पूजा करने के लिए जाते है तो वहां भगवान शिव के दरबार में कुछ लोगो को शिवलिंग के सामने 3 बार ताली बजाते हुए आपने गौर जरूर किया होगा।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि शिव प्रांगण में ताली क्यों बजायी जाती है। माना जाता है कि भोलेनाथ के मंदिर में तीन बार ताली बजाने से बहुत सी मनोकामनाएं पूर्ण होती है तथा अनेकों फायदे होते हैं। आईए जानते हैं कि भगवान भोलेनाथ के मंदिर में ताली बजाने से जुड़े क्या क्या नियम हैं और तीन बार ताली बजाने का क्या महत्व है।

शिव मंदिर में तीन बार ताली बजाने के पीछे कारण क्या है?
1. प्रथम बार ताली बजाने का अर्थ है भगवान को अपनी मौजूदगी दर्ज कराना|
2. भगवान के दरबार पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के बाद दूसरी ताली बजाकर महादेव से कष्ट तथा दुख दर्द से निवारण के लिए याचना की जाती है।
3. शिवजी के मंदिर में तीसरी ताली का अलग महत्व है। इस ताली में जाताक भगवान से यह प्रार्थना करता है कि वह अपना आशीर्वाद सदैव बनाए रखें तथा अपने श्री चरणों में स्थान दें।

ताली बजाने का पौराणिक महत्व क्या है?
वेद पुराण तथा धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रावण एक महान पंडित तथा बहुत ही बड़ा विद्वान पुरुष था। संसार में रावण जैसा शूरवीर, ज्ञानी तथा योद्धा नहीं हुआ। रावण में भक्ति आराधना का गुण भी था। रावण अपनी भक्ति की शक्ति से भगवान भोलेनाथ की आराधना करता था। रावण ने अपना एक धड़ अलग करके भगवान भोलेनाथ के कदमों पर रख दिया और तीन बार ताली बजाकर अपनी उपस्थिति जताई थी तथा भगवान भोलेनाथ से याचना की कि मेरे जीवन के सारे कष्ट दूर करो और मेरे मन की इच्छा पूरी करो।
भगवान श्रीकृष्ण से भी जुड़ा है तीन ताली बजाने की कथा
कहते हैं कि भगवान श्री कृष्णा की अनेकों पटरानियां थीं लेकिन भगवान श्री कृष्ण को संतान की प्राप्ति नहीं हो रही थी तो उन्होंने भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना विधि विधान से की तथा तीन बार ताली बजाकर महादेव से संतान प्राप्ति हेतु प्रार्थना की।
जिस समय रामेश्वरम में भगवान महादेव की स्थापना भगवान श्री राम कर रहे थे, उस समय उन्होंने भी तीन बार ताली बजाकर भगवान महादेव के सामने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी और रामसेतु के सफल निर्माण हेतु मनोकामना मांगी थी।
शिव मंदिर में तीन ताली बजाने से जुड़े नियम
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भगवान महादेव के मंदिर में पूजा के पश्चात हर समय तीन बार ताली नहीं बजानी चाहिए। कई भक्तगण ऐसे होते है जो किसी भी समय पूजा करके ताली बजाकर चले जाते हैं यह गलत माना जाता है।
भगवान के विश्राम का भी समय होता है। साथ ही कुछ समय ध्यान मुद्रा के लिए भी होता है। ताली बजाने के लिए कुछ शुभ मुहूर्त निर्धारित किये गए हैं। जिससे भगवान आपकी सारी कष्टों तथा याचनाओ को सुनते हैं। आप सांय काल और प्रातः काल के दौरान तीन बार ताली बजा सकते हैं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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