Latest Updates
-
IND vs SL: ध्रुव जुरेल का तूफानी शतक, कोलंबो टेस्ट में भारत ने श्रीलंका पर कसा शिकंजा -
Miss Universe India 2026: कौन हैं केजिया लिज मेजो? 19 की उम्र में जीता मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 का खिताब -
Eid-E-Milad-Un-Nabi 2026: ईद मिलाद-उन-नबी कब है? जानें तारीख, महत्व और कैसे मनाया जाता है ये दिन -
रक्षाबंधन 2026 पर पंचक और चंद्र ग्रहण का साया! राखी बांधना शुभ या अशुभ? जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त -
इन 5 लोगों के लिए जहर है साबूदाना, व्रत में भूलकर भी न करें सेवन -
Sawan 2026 Last Somwar: सावन के आखिरी सोमवार पर करें ये खास उपाय, बरसेगी भोलेनाथ की कृपा -
दिल्ली-NCR में मूसलाधार बारिश का अलर्ट: 19 राज्यों में IMD की चेतावनी, घर से निकलने से पहले पढ़ें ये जरूरी गाइड -
Putrada Ekadashi Vrat Katha: पुत्रदा एकादशी पर जरूर करें इस व्रत कथा का पाठ, पूरी होगी संतान से जुड़ी हर कामना -
Putrada Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की भक्ति...इन संदेशों से अपनों को दें पुत्रदा एकादशी की शुभकामनाएं -
Putrada Ekadashi 2026: 23 या 24 अगस्त, कब है पुत्रदा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि
Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर इस विधि से करें भगवान शिव का रुद्राभिषेक, जाग उठेगा सोया हुआ भाग्य
Mahashivratri 2026 Rudrabhishek Vidhi: आज 15 फरवरी 2026, दिन रविवार को महाशिवरात्रि मनाई जा रही है। ये शिव भक्तों के लिए सबसे बड़ा उत्सव है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन भगवान शिव पृथ्वी पर मौजूद सभी शिवलिंगों में साक्षात विराजमान रहते हैं। मान्यता है कि शिवरात्रि पर किया गया रुद्राभिषेक जातक के जन्म-जन्मांतर के पापों को धो देता है और असाध्य रोगों व संकटों से मुक्ति दिलाता है। 'रुद्र' का अर्थ है दुखों को हरने वाला।
जब हम विभिन्न पवित्र द्रव्यों से महादेव का अभिषेक करते हैं, तो वह 'रुद्राभिषेक' कहलाता है। आइए जानते हैं महाशिवरात्रि 2026 पर रुद्राभिषेक करने की सरल विधि, आवश्यक सामग्री और प्रभावशाली मंत्र जो आपके व्रत का 100 प्रतिशत ज्यादा देंगे पुण्य।

रुद्राभिषेक के लिए आवश्यक सामग्री (Puja Samagri)
रुद्राभिषेक शुरू करने से पहले इन सामग्रियों को एकत्रित कर लें वरना आपकी पूजा अधूरी रह सकती है। आइए जल्दी से जान लेते हैं कि रुद्राभिषेक के लिए कौन-कौन सी चीजों की आवश्यकता है।
अभिषेक के लिए: गंगाजल, गाय का कच्चा दूध, दही, शुद्ध घी, शहद और शक्कर (पंचामृत)
पूजन सामग्री: चंदन, अक्षत (बिना टूटे चावल), बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, शमी के पत्ते, इत्र और भस्म।
नैवेद्य: फल, मिठाई।
रुद्राभिषेक की सरल विधि
महाशिवरात्रि पर बिना रुद्राभिषेक के शिवजी की पूजा अधूरी मानी जाती है। आइए स्टेप बाई स्टेप जानते हैं कि कैसे करें रुद्राभिषेक और पाएं भोलेनाथ का आशीर्वाद।
सबसे पहले स्नान आदि करें और साफ कपड़े धारण करें। संभव हो तो पीले या सफेद कपड़े पहनें।
सबसे पहले भोलेनाथ पर जल चढ़ाएं, ध्यान रहे कि उसमें गंगाजल मिला हो।
इसके बाद कच्चा दूध चढ़ाएं और फिर शिवलिंग पर दही चढ़ाएं।
अब शिवलिंग पर थोड़ा गाय का घी चढ़ाएं, आप अपने हाथों से श्रद्धाभाव से गाय के घी का लेप भी कर सकते हैं।
घी चढ़ाने के बाद शिवलिंग पर चीनी चढ़ाएं और फिर शहद अर्पित करें।
अब शुद्ध जल से शिवलिंग को एक बार फिर साफ करें।
अब शिवलिंग पर सफेद और पीले रंग के चंदन का लेप करें।
अब शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाएं। इस बात का ध्यान रखें कि बेलपत्र की संख्या 1,3,5,7,9,11,21,51 और 108 हो।
अब शिवलिंग पर सफेद फूलों की माला अर्पित करें, और फिर अक्षत, काले तिल और जौ अर्पित करें।
इस बात का अवश्य ध्यान रखें कि आप रुद्राभिषेक करते समय फल और दक्षिणा जरूर चढ़ाएं।
अब अंत में देसी घी का दीपक जलाएं और धूप-दीप से आरती करें।

प्रभावशाली अभिषेक मंत्र (Powerful Mantras)
अभिषेक के समय लगातार इनमें से किसी भी मंत्र का जाप करते रहें:
महामृत्युंजय मंत्र: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
पंचाक्षरी मंत्र: ॐ नमः शिवाय।
रुद्र गायत्री मंत्र: ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
रुद्राभिषेक के दौरान सावधानियां (Important Rules)
रुद्राभिषेक के लिए तांबे के लोटे का उपयोग जल के लिए करें, लेकिन तांबे के पात्र में दूध डालकर अभिषेक न करें। दूध के लिए स्टील या चांदी का पात्र लें।
अभिषेक की धारा टूटने नहीं चाहिए, इसे निरंतर बनाए रखें।
शिवलिंग पर चढ़ाया गया दूध या जल पैरों में न आए, इसके लिए किसी बड़े बर्तन में शिवलिंग रखें।



Click it and Unblock the Notifications