Latest Updates
-
IND vs SL 2nd Test: कोलंबो में सीरीज जीत की दहलीज पर भारत, बारिश और पिच का क्या है हाल? -
Varalakshmi Vrat Katha: वरलक्ष्मी व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन से जुड़ी बाधाएं होंगी दूर -
Varalakshmi Vrat 2026 Wishes: मां लक्ष्मी का आशीर्वाद...वरलक्ष्मी व्रत पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी -
World Mosquito Day 2026: मच्छरों के काटने से हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां, बचाव के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय -
पुरूषों को स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए खानी चाहिए ये 7 चीजें, फर्टिलिटी में होगा सुधार -
घर में अचानक कॉकरोच निकलना शुभ या अशुभ? जानें ज्योतिष और वास्तु के संकेत -
40 की उम्र में भी नजर आएंगी 20 की, हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 फूड्स -
September Travel Destinations: सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये भारत की ये 7 खूबसूरत जगहें, मिलेगा यादगार -
World Photography Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम
Mandir Me Shankh Kaise Rakhe: यहां जानें मंदिर में शंख रखने का सही तरीका क्या है?
Mandir Me Shankh Kaise Rakhe: मंदिर में शंख रखने का क्या है सही तरीका। इस लेख के माध्यम से जानेंगे कि शंख दाएँ रखना चाहिए या बाएँ, उल्टा रखना चाहिए या सीधा रखना चाहिए, शंख को खाली रखना चाहिए या जल भर के रखना चाहिए। इस लेख के माध्यम से हम शंख रखने की दशा और दिशा को आइए विस्तार पूर्वक जानते हैं-
शंख रखने से जुड़ा मंत्र

शंख रखने के तरीके के लिए हमारे शास्त्रों में एक श्लोक का वर्णन किया गया है।
पूजाकाले सदा दक्षिणपार्श्व शडखं स्थापयेत।
यानी पूजा करने के दौरान शंख को हमेशा दक्षिण हाथ यानी दाहिने हाथ में रखना चाहिए। इसके साथ ही भगवान के बाएँ हाथ में रखना चाहिए।
शंडखं ऊर्ध्व कृत्वा।
अर्थात शंख को हमेशा ऊपर की ओर रखना चाहिए और शंख का मुख भगवान की ओर होना चाहिए। इसके साथ ही शंख में सदैव जल भर कर रखना चाहिए।
सिंचन्तु गृहे सर्वान।।
अर्थात आरती पूजन के पश्चात शंख के सम्पूर्ण जल को अपने पूरे घर की हर दिशा में छिड़काव करना चाहिए क्योंकि माना जाता है कि शंख में माता लक्ष्मी का वास होता है और जल का छिड़काव करने से घर की दरिद्रता दूर होती है तथा सौभाग्य की प्राप्ति होती है। साथ ही माता लक्ष्मी की विशेष कृपा बनी रहती है।
मंदिर में शंख रखने के क्या लाभ है?
* शंख भगवान विष्णु से जुड़ा है, जो हिंदू धर्म के प्रमुख देवताओं में से एक हैं। यह ब्रह्मांडीय स्थान और 'ओम' ध्वनि का प्रतिनिधित्व करता है, जिसे पवित्र माना जाता है। माना जाता है कि प्रार्थना के दौरान शंख बजाने से दैवीय उपस्थिति आती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
* ऐसा माना जाता है कि शंख बजाने से उत्पन्न होने वाले कंपन से आस-पास का क्षेत्र शुद्ध हो जाता है। कहा जाता है कि ये कंपन हवा में मौजूद हानिकारक सूक्ष्मजीवों को मार देते हैं, जिससे स्वस्थ वातावरण को बढ़ावा मिलता है। यह प्रथा प्राचीन परंपराओं में निहित है और कई घरों और मंदिरों में इसका पालन किया जाता है।
* शंख बजाने के लिए फेफड़ों की शक्ति की आवश्यकता होती है और यह श्वसन संबंधी मांसपेशियों के लिए एक अच्छा व्यायाम हो सकता है। ऐसा कहा जाता है कि इससे फेफड़ों की क्षमता में सुधार होता है और श्वसन तंत्र मजबूत होता है। इसके अतिरिक्त, माना जाता है कि इससे उत्पन्न ध्वनि मस्तिष्क को उत्तेजित करती है और एकाग्रता में सुधार करती है।
* माना जाता है कि मंदिर में शंख रखने से सकारात्मक ऊर्जा आती है। ऐसा कहा जाता है कि इससे घर में धन, समृद्धि और शांति आती है। शंख का उपयोग वास्तु में भी किया जाता है, जो वास्तुकला का एक प्राचीन भारतीय विज्ञान है, ताकि घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ाया जा सके।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications