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Meerabai Jayanti 2023:’पायो जी मैंने राम रतन धन पायो’ रचने वाली कृष्ण की अनन्य भक्त मीराबाई पर रोचक जानकारी
Meerabai Jayanti 2023: आत्मा अपने कर्मफल के अनुसार अलग अलग योनियों में जन्म लेती है फिर मरती है और यह प्रक्रिया लगातार जारी रहती है। इस जीवन मृत्यु के चक्र से मुक्ति पाने का एकमात्र तरीका है, आत्मा को मोक्ष प्राप्त हो जाए। भगवद्गीता के अनुसार मोक्ष प्राप्त करने के चार मार्ग बताएं गए हैं - कर्मयोग, सांख्ययोग, ज्ञानयोग और भक्तियोग।
इनमें से भक्ति का मार्ग सबसे सरल मार्ग है और इस मार्ग से भी ईश्वर को प्राप्त किया जा सकता है। ये सन्देश हमें दिया है श्री कृष्ण की परम भक्त मीरा बाई ने जिन्होंने जीवनपर्यंत श्री कृष्ण की भक्ति की और अंत में कृष्ण की भक्ति में ही विलीन हो गयीं।

मीराबाई का उल्लेख इसलिए किया जा रहा है क्योंकि मीराबाई की जयंती 28 अक्टूबर 2023 को है। इस अवसर पर मीराबाई की जीवनी और उनकी भक्ति विधि की जानकारी हो तो ईश्वर की उपासना आसान हो सकती है। वैसे तो मीराबाई की जयंती का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं है लेकिन ऐसी मान्यता है कि आश्विन शुक्ल पूर्णिमा जिसे शरद पूर्णिमा भी कहते हैं के दिन मीराबाई की जयंती मनाई जाती है।
मीराबाई जयंती पर आइये आपको उनसे जुडी कुछ रोचक जानकारी देते हैं:

मीरा बाई के पिता जोधपुर के राठौड़ रतन सिंह थे। मीरा बाई रतन सिंह की इकलौती बेटी थी। एकबार किसी की बारात को देखकर इन्होने अपनी माँ से पूछा कि उनका दुल्हा कौन होगा तो उनकी माँ ने मजाक में ये कह दिया की कृष्ण तुम्हारे दूल्हा है। तब से मीरा बाई कृष्ण को ही अपना सबकुछ मान बैठी और मरने तक कृष्ण भक्ति करती रहीं।
मीरा बाई का विवाह भी हुआ था। विवाह की उम्र होने पर इनके घरवालो ने इनकी शादी मेवाड़ के राजकुमार भोजराज से कर दी। किन्तु मीराबाई जीवनपर्यंत कृष्ण को ही अपना पति मानती रही। इन्होने भक्ति का मार्ग अपना कर वैरागी हो गयीं।
कहते हैं कि मीराबाई ने तुलसीदास को पत्र लिखा था कि इनके परिवार वाले कृष्ण की भक्ति करने से रोक रहे हैं। पत्र के जवाब में तुलसीदास ने कहा की कृष्ण की भक्ति में भजन लिखें। इसके बाद मीराबाई ने कई सारे लोकप्रिय कृष्ण भजन लिखें जिसमे से सबसे लोकप्रिय हुआ "पायो जी मैंने राम रतन धन पायो"।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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