Latest Updates
-
सिर्फ गांठ ही नहीं, ये 5 संकेत भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण, साधारण समझकर इग्नोर करने की न करें भूल -
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त -
SRH की मालकिन काव्या मारन की शादी हुई तय! कौन है दुल्हा, कब और कहां होगी वेडिंग, जानिए पूरी डिटेल्स -
Ashtami Kab Hai: 18 या 19 अक्टूबर, कब है अष्टमी? जानें सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी -
Imran Khan Net Worth: भारत छोड़ने के आदेश के बाद इमरान खान की संपत्ति का क्या होगा? जानें कितनी है नेटवर्थ -
ग्रेटर नोएडा के इस गांव में आज भी होती है रावण की पूजा, दशहरे पर दहन बल्कि शोक मनाते हैं लोग
Narad Jayanti: जब नारद मुनी के लिए मुसीबत बन गया हनुमान का संगीत, पढ़ें रोचक कथा
देवर्षि नारद जितने रोचक हैं उससे कहीं ज्यादा रोचक है उनसे जुडी कथाएं। देवता हो या दानव, सबको मुसीबत के समय उचित सलाह और सूचना देने वाले नारद मुनी को सभी ने सम्मान दिया किन्तु एक हनुमान ही ऐसे देवता थे जिन्होंने नारद मुनी के साथ ऐसी शरारत की कि नारद मुनी परेशान हो उठे थे।
जैसा की सर्वज्ञात है की बचपन में हनुमान बहुत शरारती थे। सूर्य देव को फल समझ के निगलने वाले हनुमान ने विष्णु के परम भक्त नारद को भी नहीं छोड़ा। नारद के साथ हनुमान की छेड़खानी की कथा काफी रोचक है। आइये नारद जयंती के अवसर पर हम आपको वो कथा बताते हैं:
नारद और शरारती हनुमान जी की कथा
हुआ यूं की एक बार बाल हनुमान अपनी माता अंजना के साथ बगीचे में बैठ कर बातचीत कर रहे थे। हनुमान के पास प्रश्नों की कमी नहीं थी और माता अंजना उत्तर देते देते थक जाती थी। ऐसे ही दोनों का प्रश्नोत्तर चल रहा था। तभी कहीं से वीणा की बहुत सुन्दर ध्वनि हनुमान के कानों पर पड़ी।
बाल हनुमान बहुत उत्सुक हो उठे कि इतना सुन्दर संगीत कहां से आ रहा है और कौन इतना सुन्दर गा रहा है! माता अंजना भी उत्सुक हो उठीं। दोनों उस और चल पड़े जहा से ये संगीत आ रहा था। दोनों ने देखा नारद मुनी अपनी वीणा लिए गाने में लीन थे। दोनों को देख नारद मुनी चुप हो गए।
हनुमान ने नारद मुनी का अभिवादन किया। उसके बाद वो नारद का मार्ग रोक कर खड़े हो गए। नारद ने पूछा कि मेरा रास्ता क्यूँ रोक रहे हो? हनुमान ने कहा कि आपके संगीत से मैं बहुत अभिभूत हूं, मुझे भी संगीत सिखाइए तभी आपको जाने दूंगा।
नारद मुनी बाल हनुमान के हठ को देख हंस पड़े। फिर एक छोटे से टीले के पास बैठ गए और टीले पर अपनी वीणा को रख दिया। अब हनुमान की संगीत की शिक्षा शुरू हुई। जल्द ही हनुमान ने गायन सिख लिया। फिर नारद ने कहा कि अब गाकर सुनाओ। हनुमान ने गाना शुरू किया। हनुमान ने ऐसे राग में गाना शुरू किया कि जिस टीले पर वीणा रखी हुई थी वो पिघलने लगी।

नारद मुनी तो आंख बंदकर हनुमान के गायन का आनंद ले रहे थे सो उन्हें पता भी नहीं चला। टीला पिघलता गया और नारद की वीणा उसमें समाती चली गयी। जब हनुमान का गाना बंद हुआ तो टीला वापस पत्थर में बदल गया।
नारद ने आंखे खोली और देखा की उनकी वीणा पत्थर के अन्दर फंस गयी है। अब नारद को पता चला कि हनुमान ने शरारत की है। बड़ी मुसीबत में फंस गए नारद। फिर उन्होंने हनुमान को कहा कि फिर गाना गाओ ताकि मैं अपनी वीणा ले लूं। अब हनुमान नारद की बात मान ही नहीं रहे थे, वो इधर उधर कूदने लगे।
नारद को मुसीबत में देख माता अंजना आई। उन्होंने नारद से क्षमा मंगाते हुए हनुमान को आदेश दिया कि वो फिर से गाना गाये और मुनी की वीणा वापस करे। हनुमान ने कहा मैं ऐसा तभी करूंगा जब नारद मुनी उनके घर चले और घर के एक एक कोने में अपना पांव रखकर उसे पवित्र करें। ऐसा सुनते ही नारद मुनी काफी प्रसन्न हुए।
उन्होंने हनुमान को ढेर सारा आशीर्वाद दिया और उनके कहे अनुसार किया। फिर जाकर हनुमान ने वापस गाना गाया जिससे नारद को अपनी वीणा वापस मिली। नारद नारायण नारायण कहते हुए अपने लोक चले गए।
बाल हनुमान और नारद की इस कथा से एक शिक्षा भी मिलती है। शिष्य अगर योग्य हो तो गुरु उसके हर हठ को भी मान लेते हैं और भक्त में लगन और सच्ची श्रद्धा हो तो गुरु से मन चाही मुराद पायी जा सकती है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
