Latest Updates
-
Women's Day 2026: चांद पर कदम, जमीन पर आज भी असुरक्षित है स्त्री; जानें कैसे बदलेगी नारी की किस्मत -
Women’s Day 2026: बचपन के हादसे ने बदली किस्मत, अपनी मेहनत के दम पर मिताली बनीं Supermodel -
Happy Women's Day 2026: महिला दिवस पर 'मां' जैसा प्यार देने वाली बुआ, मौसी और मामी को भेजें ये खास संदेश -
Rang Panchami 2026 Wishes: रंगों की फुहार हो…रंग पंचमी पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Women's Day 2026 Wishes for Mother: मेरी पहली 'सुपरवुमन' मेरी मां के नाम खास संदेश, जिसने दुनिया दिखाई -
Rang Panchami 2026 Wishes In Sanskrit: रंग पंचमी पर संस्कृत के इन पवित्र श्लोकों से दें देव होली की शुभकामनाएं -
Happy Women's Day 2026: नारी शक्ति को सलाम! मां, बहन, सास और ननद के लिए महिला दिवस पर प्रेरणादायक संदेश -
दांत दर्द ने मुश्किल कर दिया है खाना-पीना? आजमाएं दादी-नानी के ये 3 घरेलू नुस्खे, मिनटों में मिलेगा आराम -
युद्ध के बीच ईरान में आया भूकंप, क्या सच हो रही है बाबा वांगा की भविष्यवाणी? -
Women's Day Wishes for Wife: इन प्यार भरे संदेशों के साथ अपनी जीवनसंगिनी को दें महिला दिवस की मुबारकबाद
Places For Pind Daan In India: भारत के वो 11 स्थान जहां पितरों को मिलता है मोक्ष, पिंडदान के लिए हैं श्रेष्ठ
Places For Pind Daan In India: पितृ पक्ष को महालय पक्ष के रूप में भी जाना जाता है। इसे पूर्वजों का सम्मान और श्रद्धांजलि देने के लिए 16 दिन की इस अवधि को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस अवधि में परिवारजन अपने पूर्वजों के आशीर्वाद प्राप्ति के लिए पिंडदान करते हैं।
पिंडदान उन आवश्यक अनुष्ठानों में से एक है, जहां दिवंगत आत्माओं को संतुष्ट करने के लिए भोजन, पानी और अन्य वस्तुएं अर्पित की जाती हैं। इस वर्ष पितृ पक्ष 29 सितंबर को शुरू होगा और 14 अक्टूबर 2023 को समाप्त होगा। भारत में कई महत्वपूर्ण स्थान हैं जहां पितृ पक्ष के दौरान पारंपरिक रूप से पिंडदान किया जाता है। यहां सूची देखें-
1. वाराणसी, उत्तर प्रदेश

यह प्राचीन पवित्र स्थान गंगा नदी के तट पर स्थित है और इसलिए, यहां कई महत्वपूर्ण मंदिर और प्रसिद्ध घाट स्थित हैं। हर साल लाखों श्रद्धालु यहां गंगा घाट पर पिंडदान करने के लिए आते हैं। विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर यहीं स्थित है जो भगवान शिव को समर्पित है।
2. हरिद्वार, उत्तराखंड
यह एक बहुत ही लोकप्रिय स्थान है और दुनिया भर से लोग इस पवित्र स्थान के दर्शन के लिए आते हैं। यहां गंगा नदी के तट पर पूर्वजों को तर्पण दिया जाता है और स्थानीय पुजारी पूजा अनुष्ठान पूरा करने के बाद यहीं पर अंतिम संस्कार, पिंडदान करते हैं। लोग यहां की लोकप्रिय गंगा आरती में भी शामिल होते हैं।
3. बोधगया, बिहार

यह स्थान अपने धार्मिक महत्व और आध्यात्मिक वातावरण के लिए जाना जाता है। पिंडदान की बात आने पर इस स्थान का उल्लेख 'रामायण' और 'महाभारत' में भी मिलता है और इसी वजह से लोग बड़ी संख्या में यहां आते हैं और पिंडदान करते हैं।
4. त्रिवेणी संगम, प्रयागराज
यह स्थान इलाहाबाद में स्थित है, जो अब प्रयागराज है और मृत पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक बहुत ही पवित्र स्थान माना जाता है। यह वह स्थान है जहां भारत की तीन सबसे पवित्र नदियां - गंगा, यमुना और सरस्वती मिलती हैं और इसलिए इसका नाम त्रिवेणी संगम है।
5. बद्रीनाथ, उत्तराखंड में ब्रह्म कपाल
यह एक बहुत ही पवित्र स्थान है जो अलकनंदा नदी के तट पर स्थित है और दुनिया भर से लोग यहां पिंडदान के लिए आते हैं। यह बद्रीनाथ पहाड़ियों से लगभग 2 किलोमीटर दूर है।

6. मथुरा, उत्तर प्रदेश
यह भगवान कृष्ण के जन्मस्थान से जुड़ा एक बहुत लोकप्रिय स्थान है। यह भगवान श्री कृष्ण की जन्मस्थली है। मथुरा को एक पवित्र धार्मिक स्थान माना जाता है। यह शहर यमुना नदी के तट पर स्थित है। बांकेबिहारी मंदिर, दामोदर मंदिर सहित कई प्रसिद्ध मंदिर यहां स्थित हैं। मान्यता है कि यहां पिंडदान करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
7. सन्निहित सरोवर, हरियाणा
हरियाणा के कुरूक्षेत्र जिले के थानेसर में स्थित यह पिंडदान के लिए बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। इस झील को सात पवित्र नदियों का संगम माना जाता है, जो इसे बेहद अनोखा बनाता है। यहां पूजा-अर्चना करने के बाद लोग खुद को शुद्ध करने के लिए झील में स्नान करते हैं।
8. जगन्नाथ, पुरी

महानदी और भार्गवी नदी के मिलन बिंदु पर स्थित, जगन्नाथ पुरी को पिंडदान के लिए भारत के सबसे पवित्र स्थानों में से एक माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि यह पवित्र स्थल व्यक्ति के जीवन के सभी पापों को धो देता है और यह चार तीर्थ स्थलों या चार धाम यात्रा में से एक है। लोकप्रिय जगन्नाथ मंदिर भी यहीं स्थित है।
9. द्वारका, गुजरात
यह स्थान गोमती नदी के तट पर स्थित है और इसे पिंडदान के लिए भारत के पवित्र स्थलों में से एक माना जाता है। इस स्थान का उल्लेख धार्मिक महाकाव्य महाभारत में भी किया गया है, जहां इस स्थान को भगवान कृष्ण के शासन की राजधानी कहा जाता है। यह दिवंगत आत्माओं का अंतिम संस्कार करने के लिए एक लोकप्रिय स्थान है।
10. पुष्कर सरोवर, राजस्थान
कहा जाता है कि यहां पिंडदान करने से पूर्वजों और उनके वंशजों को 7 कुलों और 5 पीढ़ियों तक शांति मिलती है। महाभारत में उल्लेख है कि भगवान श्रीकृष्ण ने पुष्कर में बहुत समय तक तपस्या की थी। यहां एक तालाब स्थित है जिसे 'गया कुंड' के नाम से जाना जाता है और कहा जाता है कि यह दिवंगत आत्माओं को दस गुना लाभ पहुंचाता है।
11. भैरवगढ़, उज्जैन

यह स्थान भी पिंडदान के लिए भी बहुत प्रसिद्ध स्थान है, जो कि भैरवगढ़ क्षेत्र में स्थित क्षिप्रा नदी के तट पर है। यहां एक बड़ा बरगद का पेड़ मौजूद है जिसे सिद्धवट के नाम से जाना जाता है और माना जाता है कि इसे स्वयं देवी पार्वती ने लगाया था। इसके अलावा लोग उज्जैन के सिद्धवट, गया कोठा और रामघाट में भी पितरों का तर्पण करते हैं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











