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Pitru Paksha Sita Ka Shrap: दशरथ के पिंडदान के बाद मां सीता ने इन 5 चीजों को दिया श्राप, आज भी भोगते हैं कष्ट
Pitru Paksha Sita Ka Shrap: हिन्दू धार्मिक पुराणों के अनुसार इस सृष्टि के चार प्रमुख युग है- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग और कलयुग। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्री हरी विष्णु ने त्रेता युग में श्री राम का अवतार लिया था और रामायण इसी युग में हुई थी।
माता सीता ने अपने वनवास के दौरान एक घटना के दौरान कुछ ऐसे श्राप भी दिए थे जिसके नतीजे आज कलयुग में भी भोगे जा रहे हैं। जानते हैं क्या थी वो घटना और माता सीता ने किसको क्या श्राप दिए थे -

वनवास के दौरान पिंडदान की घटना
अपने वनवास के दौरान भगवान श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण जी अपने पिता महाराज दशरथ का पिंडदान करने बिहार के गया धाम पहुंचे। पिंडदान और पूजन के लिए आवश्यक सामग्री लेने श्री राम और लक्ष्मण नगर की ओर चले गये। जब काफी समय बीत जाने पर भी दोनों लौटकर नहीं आए, तब माता सीता ने यह निर्णय लिया कि वो वहां उपलब्ध सामग्री से ही मुहूर्त रहते पिंडदान करेंगी।
इस पिंडदान के लिए मां सीता ने फल्गू नदी, वटवृक्ष, कौवे, गाय और ब्राह्मण को साक्षी बनने को कहा। माता ने पिंडदान सफलतापूर्वक संपन्न किया। जब दोनों भाई लौटकर आए और प्रभु श्री राम ने क्रोधित होकर सबसे पिंडदान के बारे में पूछा तब वटवृक्ष के अलावा सभी साक्ष्यों ने झूठ बोला। मां सीता ने बाकी साक्ष्यों से नाराज़ होकर उन्हें श्राप दिया।
फल्गू नदी
माता सीता ने फल्गू नदी को यह श्राप दिया कि तुम सिर्फ नाम की नदी रहोगी और तुम में कभी भी ढंग से जल नहीं बहेगा। आज के कलयुग में भी फल्गू नदी अपर्याप्त जल की समस्या झेलती है।
गाय
मां सीता ने गाय को यह श्राप दिया कि पूजनीय होने के बाद भी उसे हमेशा जूठन ही खाना पड़ेगा। आज के युग में तो गाय बेहद चिंतनीय स्थिति में रहती हैं और शहरों में बचा हुआ खाने को मजबूर होती हैं।
ब्राह्मण
पिंडदान का साक्षी होने के बावजूद श्री राम के सामने झूठ बोलने के कारण मां सीता ने वहां मौजूद ब्राह्मण को यह श्राप दिया कि तुम्हें जीवन में कितना भी मिलेगा तुम्हारी दरिद्रता हमेशा बनी रहेगी। आज के युग में भी ब्राह्मणों को इस स्थिति से गुजरना पड़ता है।
कौवा
माता ने कौवे को श्राप दिया कि तुम्हारा अकेले खाने से कभी पेट नहीं भरेगा और तुम्हारी आकस्मिक मृत्यु होगी।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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