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Pitru Paksha 2023 Shradh Vidhi: जानें श्राद्ध करने की सही विधि, तर्पण करते समय भूलकर भी न करें ये काम
Pitru Paksha 2023 Shradh Ki Vidhi: मृत्यु के बाद मानव शारीर पञ्च तत्व में विलीन हो जाता है किन्तु आत्मा तो अमर है। हिन्दू मान्यता के अनुसार आत्माएं अपने कर्मों के हिसाब से फल पाती है और यमराज इसका निर्णय लेते हैं।
किन्तु आश्विन माह के कृष्ण पक्ष में ये आत्मा अपने संतानों को देखने के लिए मुक्त कर दी जाती हैं। इसलिए संतानों का कर्त्तव्य है कि आश्विन कृष्ण पक्ष के दौरान अपने पूर्वजों का श्राद्ध तर्पण करें ताकि वो प्रसन्न हो और उन्हें मोक्ष प्राप्त हो जाए।

इसके लिए हमें सबसे पहले तो ये जानना चाहिए कि श्राद्ध होता क्या है? श्राद्ध शब्द में ही इसका अर्थ छिपा है। श्रा मतलब सत्य और धा मतलब धारण करना। सात्विक विचार से पूर्वजों को सम्मान देना ही श्राद्ध है। इससे संतान के ऊपर से पितृ दोष ख़त्म होता है और पितृ प्रसन्न होते हैं। इसलिए ये बहुत जरुरी है कि श्राद्ध करने की सही विधि मालूम हो।
ऐसे करें श्राद्ध तर्पण
किसी नदी या तालाब के पास श्राद्ध करें।
अपने हाथों से अंजुली बनाए उसमें काला तिल रखें और फिर इससे जल दें।
इसके बाद ब्राह्मण को भोजन करायें।
इसके बाद पशु पक्षी को भोजन करायें।
काले कौवे को भोजन कराना बहुत शुभ माना गया है।
किसी गरीब को दान दें।
इस दिन झूठ ना बोले और ना ही किसी को सताएं।
सात्विक विचार रखें और क्रोध पर नियंत्रण रखें।
श्राद्ध के दौरान ये बिलकुल ना करें
घर पर आये किसी अजनबी या अथिति के साथ दुर्व्यवहार बिलकुल ना करें।
अतिथि को यथाशक्ति सम्मान दें।
सादा जीवन शैली अपनाएं और श्राद्ध के दौरान नए वस्त्र धारण ना करें।
भूलकर भी बासी भोजन ना करें।
किसी भी जीव को कष्ट ना पहुंचाये चाहे वो पेड़ पौधे ही क्यों न हो।
पशु पक्षी को ना सताएं।
तामसिक भोजन ना करें जैसे की मांस मदिरा आदि।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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