Latest Updates
-
Restaurant Style Kadai Sabzi Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसी चटपटी और मसालेदार सब्जी -
Blue Moon 2026: 31 मई को आसमान में दिखेगा दुर्लभ 'ब्लू मून'; जानिए इसकी खासियत, कहां और कैसे देखें -
Hindi Journalism Day: 30 मई को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी पत्रकारिता दिवस? जानें इस दिन का इतिहास और महत्व -
Kumaoni Sweet Bal Mithai Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड की पारंपरिक और स्वादिष्ट मिठाई -
महिलाओं के लिए वरदान से कम नहीं है हलीम के बीज, अनियमित पीरियड्स समेत इन 5 समस्याओं को कर सकते हैं दूर -
गर्मियों में पसीने से होने वाली 5 कॉमन स्किन प्रॉब्लम्स, एक्सपर्ट से जानें इन समस्याओं से बचने के घरेलू उपाय -
World Digestive Health Day: क्यों मनाया जाता है विश्व पाचन स्वास्थ्य दिवस? जानें इस दिन का महत्व और इतिहास -
Grandma Style Aloo Baingan Recipe: दादी के हाथों जैसा चटपटा और लाजवाब स्वाद -
क्या ज्यादा तनाव लेने से ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है? AIIMS न्यूरोसर्जन ने बताई सच्चाई -
June 2026 Vrat Tyohar: निर्जला एकादशी से लेकर वट पूर्णिमा तक, जून के महीने में आएंगे ये प्रमुख व्रत-त्योहार
Pitru Paksha 2023 Chaturthi Tithi: आज चतुर्थी तिथि श्राद्ध, यहां देखें पूजन का शुभ मुहूर्त
Pitru Paksha 2023 Chaturthi Tithi: पितृ पक्ष के दौरान पितृ लोक के दरवाजे खोल दिए जाते हैं ताकि पितृ अपने संतानों को देख सकें और उनसे मिल सकें। ये एक मौका होता है जब संतान अपने पितृ का सम्मान करके उन्हें प्रसन्न कर सकते हैं। इसके लिए जिस तिथि को पूर्वज की मृत्यु हुई हो उस तिथि को श्राद्ध तर्पण और पिंडदान करना चाहिए।
चतुर्थी तिथि पर किन लोगों का श्राद्ध किया जाता है?

चतुर्थी तिथि को उन पितरों का श्राद्ध या तर्पण करते हैं जिनकी मृत्यु चतुर्थी तिथि को हुई हो, चाहे वो शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि हो या कृष्ण पक्ष की। चतुर्थी श्राद्ध को चौथ श्राद्ध के नाम से भी जाना जाता है। आपको बताते हैं सही मुहूर्त ताकि आप चतुर्थी तिथि का श्राद्ध या तर्पण सही से कर पाएं।
चतुर्थी तिथि का मुहूर्त
चतुर्थी तिथि सोमवार 2 अक्टूबर 2023 को है। इसमें कुतुप मुहूर्त 47 मिनट का है जो सुबह 11 बजकर 47 मिनट से दोपहर 12 बजकर 34 मिनट तक रहेगा।
रौहिण मुहूर्त 12:34 PM से 01:22 PM,
अपराहन काल 01:22 PM to 03:44 PM
चतुर्थी तिथि का प्रारंभ 2 अक्टूबर को सुबह 7 बजकर 36 मिनट से
चतुर्थी तिथि का समापन 3 अक्टूबर 2023 को सुबह 6 बजकर 11 मिनट तक।
इस दिन दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके पितरों का श्राद्ध या तर्पण करें। इस दिन परिवारजनों को सादगी भरी जीवन शैली अपनानी चाहिए। तामसिक भोजन और नशीले पदार्थो से दूर रहें। दान दें। किसी का अपमान न करें और न ही अपशब्द कहें। भूल से भी किसी जिव जंतु को न सताये।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications