Kya Thuk Nigalne Se Roza Toot Jata Hai: क्या रमज़ान के रोज़े के दौरान थूक निगलना जायज़ है?

Kya Laar Nigalne Se Roza Toot Jata Hai: अल्लाह की बंदगी का पाक महीना रमजान शुरू हो चुका है। माह ए रमजान में मुस्लिम रोजा रखते हैं, नमाज अदा करते हैं और साथ ही साथ जकात, फितरा आदि भी करते हैं। इस पूरे महीने में लोग अपना समय अल्लाह की इबादत करने तथा अपने गुनाहों की माफ़ी मांगने में बिताते हैं।

इस मुक़द्दस महीने में तमाम तरह के नियम कायदे का कठोरता से पालन करते हुए और अपने आप पर नियंत्रण रखते हुए खुदा की इबादत की जाती है। नियम का पालन नहीं करने से रोजा टूट सकता है और फिद्दा या कफ्फारा का पालन करना पड़ सकता है। मगर कई लोगों को रोज़ा रखने के दौरान कई छोटी-बड़ी चीजों की जानकारी नहीं हो पाती है जिस कारण उनके मन में कई तरह के सवाल खड़े होते हैं। कई लोगों को मन में इस बात को लेकर असमंजस रहता है कि क्या रमज़ान में थूक निगलना जायज़ है या नहीं? आइये इसी सवाल का जवाब यहां जानते हैं।

Ramzan Rules Can We Swallow Saliva During Ramadan Fasting Kya Laar Nigalne Se Roza Toot Jata Hai

रमज़ान 2024 की तारीख (Ramadan 2024 Dates)

रमजान इस्लामिक कैलेंडर का सबसे महत्वपूर्ण माह है यह इस्लामिक कैलेंडर का नौवां महीना है। इस्लामी मान्यताओं के अनुसार रमजान के महीने में ही पवित्र धर्म ग्रंथ कुरान शरीफ को जन्नत से पृथ्वी पर उतारा गया था। रमजान का पवित्र पर्व इस वर्ष 12 मार्च 2024 से शुरु हो गया है। रमजान शुरू होने का सही समय चांद के दिखाई देने पर ही निर्भर करता है। सऊदी अरब या भारत में चांद दिखने के बाद अगले दिन से ही रमजान का पवित्र माह प्रारंभ हो जाएगा।

रमज़ान में रोज़े के दौरान थूक या लार निगलना सही या गलत (Kya Laar Nigalne Se Roza Toot Jata Hai)

रमज़ान महीना आते ही रोजा को लेकर कई तरह के भ्रम सामने आते रहते हैं। सोशल मीडिया के कारण इस तरह के भ्रामक और मिथकों की संख्या बढ़ गयी है हालांकि सच्चाई अलग है।

इन्हीं में से एक भ्रांति है स्लाइवा यानी लार निगलने को लेकर। आपको बता दें कि रोजा में लार घूंटने की पूरी अनुमति है बल्कि ऐसा करने को प्रोत्साहित भी किया जाता है। सलाइवा निगलना बिल्कुल स्वाभाविक क्रिया है। थूक निगलने से रोजा नहीं टूटता है। रोजा तब टूटता है जब किसी दूसरे व्यक्ति का सलाइवा आप लेते हैं। इस वजह से रोजा रहते हुए अपने पार्टनर को किस नहीं करना चाहिए। साथ ही शारीरिक संबंध बनाने से भी परहेज करना चाहिए। रोजा रखने का सबसे बड़ा उद्देश्य ही यही है कि इंसान अपनी इच्छाओं पर काबू रखें। लार जैसी अपरिहार्य चीजें निगलने से रोज़ा अमान्य नहीं है। आप ये बात जान लें कि अपनी खुद की लार निगलने में बिल्कुल भी कोई बुराई नहीं है और ऐसा करने से आपका रोज़ा नहीं टूटेगा।

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

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