Latest Updates
-
Japan Mango Ban: जापान में सबसे ज्यादा कौन सा आम खाया जाता है? 20 साल बाद भारतीय आमों पर लगाया प्रतिबंध -
Restaurant Style Jeera Aloo Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसा चटपटा और कुरकुरा जीरा आलू -
World No Tobacco Day: स्मोकिंग की लत से छुटकारा चाहिए? ये 5 घरेलू उपाय बीड़ी-सिगरेट छोड़ने में करेंगे आपकी मदद -
World No Tobacco Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व तंबाकू निषेध दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
Bihari Breakfast Special Dahi Chura Recipe: पारंपरिक स्वाद के साथ झटपट तैयार करें -
Aaj Ka Rashifal 31 May 2026: रविवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी सूर्य देव की कृपा, धन लाभ के साथ चमकेगा भाग्य -
Light Digestive Lauki Sabzi Recipe: कम मसालों में बनाएं सेहतमंद और स्वादिष्ट सब्जी -
Param Ekadashi 2026: 10 या 11 जून, कब है परम एकादशी? नोट करें सही डेट और पारण का समय -
माचा नहीं हल्दी, केल नहीं मोरिंगा: विदेशी सुपरफूड्स से कहीं ज्यादा ताकतवर हैं भारत के ये 5 देसी खजाने -
आप भी तो नहीं खा रहे केमिकल से पके आम? ऐसे करें असली-नकली की पहचान, जानें सेहत को होने वाले नुकसान
Sawan 2025 : आज से सावन शुरू, शिव पूजन विधि, जलाभिषेक और मुहूर्त की पूरी जानकारी
sawan start date : सावन का महीना, जिसे श्रावण मास भी कहा जाता है, भगवान शिव की उपासना के लिए अत्यंत पवित्र समय माना जाता है। यह महीना हर साल हिंदू पंचांग के अनुसार अमावस्या या पूर्णिमा के बाद शुरू होता है। सावन में भक्त शिव मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं और सोमवार का व्रत रखते हैं।
वर्ष 2025 में सावन का विशेष महत्व है क्योंकि इस बार शिववास योग भी बन रहा है, जो भक्तों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस साल चार सावन सोमवार आएंगे, जिसमें शिव की पूजा और जलाभिषेक का विशेष महत्व होगा। यह समय पुण्य लाभ, मनोकामना पूर्ति और शिव कृपा प्राप्ति के लिए अत्यंत उपयुक्त रहेगा। आइए जानते हैं कि कब से सावन 2025 शुरू हो रहा है और जलाभिषेक और पूजा की विधि क्या है?

सावन 2025 की शुरुआत और समापन तिथि
वर्ष 2025 में सावन का महीना 11 जुलाई 2025 (सोमवार) से शुरू होकर 9 अगस्त 2025 (मंगलवार) तक रहेगा। इस अवधि में कुल चार सोमवार पड़ेंगे, जो "सावन सोमवारी व्रत" के लिए अत्यंत फलदायक माने जाते हैं।
सावन में जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
सावन में भगवान शिव को जल, दूध, बेलपत्र आदि अर्पित करके उनका अभिषेक करना विशेष फलदायक होता है। सोमवार को किया गया जलाभिषेक सबसे शुभ माना जाता है।
प्रमुख जलाभिषेक मुहूर्त (सोमवार को)
- पहला सावन, सोमवार-14 जुलाई 2025 : प्रातः 5:20 AM से 8:00 AM
- दूसरा सावन, सोमवार- 21 जुलाई 2025: प्रातः 5:25 AM से 8:10 AM
- तीसरा सावन, सोमवार, 28 जुलाई 2025: प्रातः 5:30 AM से 8:15 AM
- चौथा सावन, सोमवार, 4 अगस्त 2025: प्रातः 5:35 AM से 8:20 AM
11 अगस्त 2025: प्रातः 5:40 AM से 8:30 AM
नोट: स्थानीय सूर्योदय समय के अनुसार मुहूर्त में थोड़ा बदलाव संभव है।
सावन सोमवार व्रत व पूजन विधि (Sawan Somwar Vrat & Puja Vidhi)
स्नान कर व्रत का संकल्प लें : सुबह जल्दी उठकर पवित्र स्नान करें और "ॐ नमः शिवाय" का जाप करते हुए व्रत का संकल्प लें।
शिवलिंग पर जलाभिषेक करें, शुद्ध जल, दूध, गंगाजल, शहद, दही आदि से शिवलिंग का अभिषेक करें।
बेलपत्र अर्पण करें: भगवान शिव को तीन पत्तियों वाला बेलपत्र अर्पित करें, जिस पर "ॐ नमः शिवाय" लिखा हो।
धूप-दीप और नैवेद्य चढ़ाएं: भगवान को फूल, धूप, दीप, फल, मिठाई आदि अर्पित करें।
रुद्राष्टक या शिव चालीसा का पाठ करें : शिव चालीसा, महामृत्युंजय मंत्र या रुद्राष्टक का पाठ करें।
आरती करें और व्रत कथा पढ़ें: शिवजी की आरती करें और सावन सोमवार व्रत कथा का श्रवण करें।
दिनभर व्रत रखें : पूरे दिन फलाहार करें और शाम को पूजा कर व्रत समाप्त करें।
सावन पूजन सामग्री (Puja Samagri List)
पूजन में निम्न सामग्री का उपयोग करें
- शुद्ध गंगाजल
- दूध, दही, घी, शहद, शक्कर (पंचामृत के लिए)
- बेलपत्र
- धतूरा, भांग
- सफेद और नीले फूल
- अक्षत (चावल)
- रोली, हल्दी, चंदन
- दीपक, धूपबत्ती
- फल व मिठाई
- नारियल
- रुद्राक्ष माला
- पूजा थाली और कलश
- शिव चालीसा / रुद्राष्टक पुस्तक
सावन का आध्यात्मिक महत्व
सावन में भगवान शिव की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं, विवाह में आ रही अड़चनें दूर होती हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। खासकर कुंवारी लड़कियां इस माह में सोमवार का व्रत रखकर योग्य वर की प्राप्ति की प्रार्थना करती हैं। इस सावन 2025 में आप भी शिव आराधना से अपने जीवन को पवित्र और सुखमय बना सकते हैं। शिव की कृपा से हर संकट दूर होता है और जीवन में नई ऊर्जा का संचार होता है।



Click it and Unblock the Notifications