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सावन के महीने में महादेव शिव के मंदिरों में अच्छी खासी भीड़ रहती है। भारत में हज़ारों की संख्या में शिव मंदिर हैं लेकिन इनमें से 12 सबसे प्रमुख ज्योतिर्लिंग हैं जहां मान्यता अनुसार शिव ज्योति रूप में विराजमान हैं।
इन 12 ज्योतिर्लिंग मंदिरों में शिवरात्रि और सावन में ख़ास पूजा और आयोजन किये जाते हैं। जानते हैं देश के किन हिस्सों में और किन नामों से महादेव के 12 ज्योतिर्लिंग हैं और यहां दर्शन के क्या ख़ास महत्व हैं-

1. केदारनाथ
उत्तराखंड में सबसे प्रमुख ज्योतिर्लिंग केदारनाथ स्थित है। यह उत्तराखंड के चार धामों में से एक धाम भी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महाभारत काल में पांडवों को शिव जी ने यहीं बैल रूप में दर्शन दिए थे। इस धाम में शिवलिंग के दर्शन से भक्तों को जीवन पश्चात मोक्ष की प्राप्त होगी।

2. महाकालेश्वर
मध्य प्रदेश राज्य के उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग विश्व प्रसिद्ध है। यहां दर्शन पाकर भक्त अपने सभी पापों और भय से मुक्ति पा लेते हैं। यह दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है और यहां हर सुबह भगवान की भस्म आरती की जाती है।

3. बैद्यनाथ धाम
बैद्यनाथ धाम के सही जगह को लेकर मतभेद है। महाराष्ट्र के परली गाँव में और झारखंड के देवघर जिले, दोनों ही जगहों पर वैद्यनाथ नामक शिवलिंग मंदिर उपस्थित है। वैद्यनाथ धाम में दर्शन से सभी प्रकार के शारीरिक रोग और कष्टों से मुक्ति प्राप्त होती है।

4. काशी विश्वनाथ
उत्तरप्रदेश के वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर स्थित है। यहां जीवन के कर्म कांडों से मुक्ति मिलती है और व्यक्ति को मृत्यु के पश्चात मोक्ष की प्राप्ति होती है।

5. त्र्यंबकेश्वर
यह ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र राज्य के नासिक में स्थित है। यह मंदिर ब्रह्मगिरी पर्वत और गोदावरी नदी के उद्गम के पास है। यहां शिव, ब्रह्मा और विष्णु तीनों देवताओं की पूजा एक साथ होती है। इस मंदिर में सच्चे मन से आराधना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

6. सोमनाथ
गुजरात के सौराष्ट्र में समुद्र किनारे स्थित सोमनाथ मंदिर में भी शिव का प्रमुख ज्योतिर्लिंग है। यहां दर्शन से जीवन में शांति एवं सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस स्थान पर चंद्रदेव ने शिव जी को प्रसन्न करने के लिए तपस्या की थी, और शिव जी प्रकट हुए थे। इसलिए इस मंदिर का नाम भी चन्द्र आधारित 'सोम'नाथ पड़ा।

7. मल्लिकार्जुन
मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग आन्ध्र प्रदेश में स्थित है। यह कृष्णा नदी के पास श्रीशैल पर्वत पर विराजमान है। यहां दर्शन करके भक्त सभी प्रकार की बुरी शक्तियों, बुरे ख्यालों और जीवन से हर तरह की बुराई से छुटकारा पा सकते हैं। यह एकमात्र ऐसा मंदिर हैं जहां शिवलिंग के साथ मां पार्वती भी विराजित हैं।

8. घ्रिष्नेश्वर
यह मंदिर महाराष्ट्र के औरंगाबाद से थोड़ी दूर स्थित दौलताबाद क्षेत्र में स्थित है। यहां भी महादेव ज्योति रूप में विराजमान हैं। इस ज्योतिर्लिंग की स्तुति से भक्त जीवन में सुख समृद्धि की प्राप्ति कर लेते हैं।

9. रामेश्वरम
दक्षिण भारतीय राज्य तामिलनाडु के रामनाथपुरम में रामेश्वरम शिव ज्योतिर्लिंग स्थित है। रावण से युद्ध में विजय प्राप्त करके लौटते वक़्त श्रीराम ने इस स्थान पर रेत से एक शिवलिंग बनाया और पूजा की थी। इसके बाद श्री राम द्वारा बनाया गया यह शिवलिंग वज्र के सामान मज़बूत हो गया और अपनी जगह से नहीं हिला, और इस स्थान पर रामेश्वरम मंदिर की स्थापना हुई। यहां दर्शन से मृत्यु पश्चात व्यक्ति को स्वर्ग धाम की प्राप्ति होती है।

10. भीमाशंकर
महाराष्ट्र के पुणे में सह्याद्री पर्वत पर भीमाशंकर शिव मंदिर स्थित है। इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन और पूजा से भक्तों को जीवन में विजय की प्राप्ति होती है।

11. ओंकारेश्वर
मध्य प्रदेश के इंदौर से करीब 90 किमी दूर नर्मदा नदी के किनारे यह ज्योतिर्लिंक स्थित है। यहां दर्शन से भक्तों को जीवन में सुख-चैन व शान्ति की प्राप्ति होती है। पर्वतों के बीच बने इस मंदिर का आकार दूर से देखने में ॐ की तरह दिखाई पड़ता है, इसलिए इसे ओंकारेश्वर मंदिर कहा जाता है।

12. नागेश्वर
गुजरात के द्वारका में नागेश्वर शिव मंदिर स्थित है। इस मंदिर का नाम शिव जी और उनको नागों का देवता कहे जाने के नाम पर पड़ा है। इस मंदिर में दर्शन और सच्चे मन से शिव स्तुति से व्यक्ति के पूर्व में किए पापों का प्रायश्चित हो जाता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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