Latest Updates
-
‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ के बाद निमिषा सजयन ने ऐसे घटाया 14 किलो वजन, एक्ट्रेस ने शेयर की वेट लॉस जर्नी -
Paryushana Mahaparva 2026: आज से शुरू हुआ हुआ पर्युषण महापर्व, जानें आठ दिनों का महत्व और नियम -
पेरिस में बना फ्रांस का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर, 1970 के संकल्प से 2026 तक ऐसे पूरा हुआ सफर -
International Literacy Day 2026: क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम -
International Literacy Day 2026: साक्षरता दिवस पर ये संदेश भेज सबको करें जागरूक, बताएं पढ़ने-लिखने का महत्व -
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य -
Aja Ekadashi 2026: नारायण की कृपा...इन संदेशों के साथ अपने प्रियजनों को भेजें अजा एकादशी की शुभकामनाएं -
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय -
Teacher's Day 2026: 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानिए क्या है इसका इतिहास और महत्व
Shani Jayanti 2023: क्रूर शनि की टेढ़ी नजर से बचने के लिए शनि जयंती के दिन न करें ये भूल
पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास शुरू हो चुका है। इस महीने की अमावस्या तिथि को शनि जयंती के रूप में मनाया जाता है। खगोलीय गतिविधि में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए शनि एक महत्वपूर्ण ग्रह है।
वहीं ज्योतिष शास्त्र में विश्वास रखने वाले लोग शनि को अपने जीवन से जुड़ा मानते हैं। शनि को कर्मों का देवता माना जाता है जो जातकों को उनके किये कर्म के आधार पर अच्छे और बुरे फल देता है।

ऐसी मान्यता है कि ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि पर ही भगवान सूर्य और देवी छाया के घर पुत्र रूप में शनि देव का जन्म हुआ था, जिसे शनि जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस दिन पूरे विधि विधान से शनि महाराज की पूजा अर्चना करने से जातक का कल्याण होता है।
शनि जयंती पर ढैय्या, साढ़ेसाती और महादशा से राहत पाने के लिए जानते हैं इस दिन किन कामों की सख्त मनाही है और किन कामों से शनि प्रसन्न होंगे।
शनि जयंती 2023 कब है?
इस साल शनि जयंती 19 मई 2023 शुक्रवार को मनाई जाएगी।
ज्येष्ठ अमावस्या तिथि का प्रारंभ:18 मई को शाम 9 बजकर 42 मिनट से
ज्येष्ठ अमावस्या तिथि का समापन: 19 मई को रात 9 बजकर 22 मिनट तक
उदया तिथि के अनुसार शनि जयंती: 19 मई

शनि जयंती के दिन क्या न करें?
शनि जयंती पर कुछ विशेष बातकों का ध्यान रखना आवश्यक है ताकि आपको पूजा का पूर्ण फल मिल सके। आप शनि देव की मूर्ति अथवा प्रतिमा के सामने खड़े न हों। उनकी आंखों में देखने की भूल न करें। शनि देव की पूजा के समय अपनी नजरें नीचे उनकी चरणों पर रखें।
शनि जयंती के दिन सरसों का तेल, लकड़ी का सामान, लोहे का सामान, काली उड़द आदि की खरीदारी न करें।
शनि जयंती के दिन बाल और नाख़ून काटने से भी बचें।
शनि देव को दंड अधिकारी कहा जाता है जो कर्मों के मुताबिक फल देते हैं। उनके कोप से बचने के लिए खासतौर से शनि जयंती के दिन किसी का दिल न दुखाएं। न ही किसी जीव को परेशान करें।
इस दिन गरीब और जरूरतमंदों का मजाक न उड़ाएं।

शनि जयंती पर क्या करें?
शनि जयंती पर शनि देव का आशीर्वाद पाने के लिए घर के बड़े-बुजुर्गों का आदर-सम्मान और सेवा करें।
जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आएं।
शनि जयंती के दिन काला चना, काला तिल और काली उड़द दाल का दान करें।
शनि मंदिर जाकर शनिदेव को तेल चढ़ाएं और तेल का दीप जलाएं।
शनि जयंती के अवसर पर शनि स्तोत्र और शनि चालीसा का पाठ करें।
इस मौके पर शनि देव के साथ शिवजी और हनुमानजी का भी पूजन करें।
इस दिन पीपल का पेड़ लगाना भी शुभ माना जाता है।
शनि जयंती पर करें शनिदेव के इन मंत्रों का जाप
ॐ शं शनैश्चराय नमः
ॐ प्रां प्रीं प्रौ स: शनैश्चराय नमः
ॐ नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम
छायामार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
