Latest Updates
-
5 साल से तालाब में रह रहे इकबाल की मदद के लिए आगे आए अनंत अंबानी, इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए मशरूम का सेवन, सेहत को हो सकता है गंभीर नुकसान -
Special Marriage Act क्या है? सोनाक्षी-जहीर इकबाल समेत इन बॉलीवुड कपल्स ने बिना धर्म बदले की शादी -
किन्नौर कैलाश के दर्शन के बाद बदल गई हिमांशी खुराना की जिंदगी, एक्ट्रेस ने बताया क्यों इतनी खास है यह जगह -
Raksha Bandhan 2026: कब है रक्षाबंधन? जानें तिथि, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, भद्रा का समय और महत्व -
कभी 75 रुपये में साफ करते थे गाड़ियां, आज कहलाते हैं दिल्ली के खान सर; पढ़ें मनोज गर्ग की सक्सेस स्टोरी -
Sawan 2026: सावन में दाढ़ी और बाल कटवाना चाहिए या नहीं? जानें ज्योतिष और धार्मिक नियम -
कौन थीं अनन्या राज? 27 साल की उम्र में हुई मौत, एक महीने बाद सामने आई निधन की खबर -
Rudrabhishek Vidhi: घर पर शिव जी का रुद्राभिषेक कैसे करें? जानें सरल पूजा विधि, सामग्री, मंत्र और जरूरी नियम -
Nag Panchami 2026: नाग पंचमी पर करें ये 5 सरल उपाय, कालसर्प दोष से मिलेगी राहत
Navratri Day 5: नवरात्रि का पांचवा दिन आज, जानें मां स्कंदमाता की पूजा की विधि, भोग, मंत्र व आरती
Navratri Day 5: नवरात्रि का पर्व पूरे धूमधाम से देशभर में मनाया जा रहा है। आश्विन माह में आने वाली शारदीय नवरात्रि का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व होता है। नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के नौ अलग अलग रूपों की पूजा की जाती है। कहा जाता है कि मां के दरबार में जो भी भक्त पूरी श्रद्धा से जाता है मां उसके जीवन के सभी दुःख हर लेती है।
19 अक्टूबर को शारदीय नवरात्रि की पंचमी तिथि होगी। इस दिन मां दुर्गा के स्कंदमाता स्वरुप की उपासना की जाती है। देवी स्कंदमाता को पार्वती का रूप माना जाता है, 'स्कन्द' यानी कार्तिकेय की माता, अर्थात देवी पार्वती। स्कंदमाता की अराधना से सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। जानते हैं पंचमी तिथि को की जाने वाली पूजा की विधि, पूजा मंत्र, स्कंदमाता आरती और भोग के बारे में विस्तार से -

देवी स्कंदमाता की पूजन विधि
19 अक्टूबर को पंचमी तिथि के दिन स्कंदमाता का पूजन किया जाएगा। सुबह स्नानादि से निवृत होकर पूजा स्थल में कलश के पास स्कंदमाता की तस्वीर को स्थापित करें। माता को कुमकुम और अक्षत लगायें। फिर मां को पीले फूल, नवैद्यम और भोग चढ़ाएं। इसके बाद मां के समक्ष दीपक और धुप लगाकर मां की पूजा करें। पूजा के दौरान मन्त्रों और आरती का जाप करें। इसके साथ ही दुर्गा सप्तशती का पाठ भी करें।
स्कंदमाता का भोग

नवरात्र के पांचवें दिन स्कंदमाता को केले का भोग लगाना चाहिए। मां को पीली रंग की खीर देनी चाहिए, पीले रंग के लिए केसर व गुड़ का प्रयोग करें। इससे देवी स्कंदमाता प्रसन्न होकर अच्छी सेहत का वरदान देती हैं। साथ ही सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती हैं।
स्कंदमाता पूजा मंत्र
ॐ स्कन्दमात्रै नमः।
या देवी सर्वभूतेषु स्कंदमाता रूपेण संस्थिता.
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: ।।
सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया
शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी।
महाबले महोत्साहे महाभय विनाशिनी
त्राहिमाम स्कन्दमाते शत्रुनाम भयवर्धिनि।।
स्कंदमाता आरती
जय तेरी हो स्कंद माता।
पांचवां नाम तुम्हारा आता॥
सबके मन की जानन हारी।
जग जननी सबकी महतारी॥
तेरी जोत जलाता रहू मैं।
हरदम तुझे ध्याता रहू मै॥
कई नामों से तुझे पुकारा।
मुझे एक है तेरा सहारा॥
कहीं पहाड़ों पर है डेरा।
कई शहरों में तेरा बसेरा॥
हर मंदिर में तेरे नजारे।
गुण गाए तेरे भक्त प्यारे॥
भक्ति अपनी मुझे दिला दो।
शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो॥
इंद्र आदि देवता मिल सारे।
करे पुकार तुम्हारे द्वारे॥
दुष्ट दैत्य जब चढ़ कर आए।
तू ही खंडा हाथ उठाए॥
दासों को सदा बचाने आयी।
भक्त की आस पुजाने आयी॥
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications