Navratri Day 8: आज धूमधाम से मनाई जाएगी दुर्गाष्टमी, देखें महागौरी की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, भोग, मंत्र-आरती

Navratri Day 8: हिन्दू धर्म में धूम धाम से मनाई जाने वाली नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि का बेहद ख़ास महत्व होता है। नौ दिनों तक मां अम्बे के नौ विभिन्न रूपों की अराधना करने वाले शारदीय नवरात्रि के पर्व की शुरुआत इस बार 15 अक्टूबर से हुई।

देश भर में मां के पंडाल और माता की चौकी की स्थापना की गई है। लोग अपनी अपनी श्रद्धा और क्षमता अनुसार मां की उपासना में लगे हुए हैं। शारदीय नवरात्रों की महाष्टमी 22 अक्टूबर को मनाई जाएगी।

shardiya navratri 2023 day 8: Mahagauri puja vidhi katha mantra bhog and aarti in hindi

इस दिन मां महागौरी का पूजन किया जाता है। महागौरी माता पार्वती का ही एक स्वरुप है जो उन्होंने शुम्भ और निशुम्भ नाम के दानवों का अंत करने के लिए धारण किया था। जानते हैं अष्टमी के दिन महागौरी के पूजन की विधि, पूजा मन्त्र, आरती और भोग के बारे में विस्तार से -

महागौरी पूजा विधि

अष्टमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नानादि से निवृत होकर मां का ध्यान लगाएं और पूजा घर की सफाई करें। इसके बाद पहले दिन से स्थापित कलश के पास माता महौगौरी की प्रतिमा या तस्वीर को लाल चौकी पर स्थापित कर दें। मां को कुमकुम और अक्षत लगाएं और उनके समक्ष धूप व दीया जलाएं। सफ़ेद रंग के फूल चढ़ाएं और मां की विधिवत पूजा करें। मां गौरी के अराधना मन्त्रों का जाप करें व आरती पढ़े। इसके साथ ही दुर्गा सप्तशती का भी पाठ करें।

दुर्गा अष्टमी पूजा मुहूर्त

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सुबह का मुहूर्त - प्रातः 07:51 बजे से 10:41 बजे तक।
शाम का पूजा मुहूर्त - शाम 05:45 बजे से 08:55 बजे तक।
वहीं संधि पूजा मुहूर्त शाम 07:35 बजे से रात 08:22 बजे तक रहेगा।

मां महागौरी का भोग

नवरात्रि के नौ दिन मां के स्वरुप के अनुसार भोग लगाया जाता है। महागौरी को पूजन के समय नारियल या उससे बनी मिठाई को भोग में लगाने का विधान है। नारियल, उससे बने लड्डू, खीर या नारियल की बर्फी को अष्टमी के दिन भोग में लगाया जा सकता है।

मां महागौरी पूजा मंत्र

"श्वेते वृषे समारूढ़ा श्वेताम्बरधरा शुचिः |
महागौरी शुभं दद्यन्त्र महादेव लक्ष्मीदा ||

श्वेते वृषे समारूढ़ा श्वेतांबरधारा शुचिः |
महागौरी शुभं दद्ययंत्र महादेव प्रमोददा ||"

"या देवी सर्वभू‍तेषु माँ महागौरी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥"

"श्री क्लीं ह्रीं वरदायै नम:"

महागौरी आरती

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी
तुमको निशिदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी।।
ॐ जय अम्बे गौरी।।
मांग सिंदूर विराजत, टीको जगमद को।
उज्जवल से दो नैना चन्द्रवदन नीको।।
ॐ जय अम्बे गौरी।।
कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै।
रक्तपुष्प गल माला, कण्ठन पर साजै।।
ॐ जय अम्बे गौरी।।
केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्परधारी।
सुर-नर-मुनि-जन सेवत, तिनके दुखहारी।।
ॐ जय अम्बे गौरी।।

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

Story first published: Sunday, October 22, 2023, 6:30 [IST]
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