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Navratri Puja: नींबू की माला क्यों पहनाई जाती है माता काली को? जानिये नींबू की सही संख्या और पूजा विधि
Lemon Garland for Kaali Mata: धार्मिक अनुष्ठानों और तंत्र मंत्र में नींबू का बहुत महत्व बताया गया है। आपने अक्सर देखा होगा कि लोग अपनी गाड़ियों या घर-दूकान के द्वार पर नींबू की माला लटकाते हैं। नींबू बुरी नज़र से बचाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है।
लेकिन अगर आपने माता काली की प्रतिमा देखी होगी और विशेष तौर पर नवरात्र के दौरान देखा हो तो माता काली के गले में नींबुओं की माला देखी जा सकती है। इसके पीछे क्या कारण है, आइये हम आपको बताते हैं।

माता काली को क्यों चढ़ाया जाता है नींबू
नींबू एक भेंट के तौर पर चढ़ाई जाने वाली चीज है। माता काली ने जब असुरो का संहार शुरू किया था तब उन्होंने नरमुंडो की माला पहन ली थी। उसी नरमुंडो की माला के प्रतीकात्मक रूप में आज कई लोग नींबू की माला अर्पण करते हैं और माता के गले में पहनाते हैं। ऐसी मान्यता है कि शत्रु पर विजय प्राप्त करने के लिए माता के गले में नींबू की माला पहनाई जाए तो माता शत्रु पर विजय प्राप्त करने की शक्ति देती हैं।

इसके अलावा कोई और विघ्न बाधा हो या कोई बीमारी हो तो उस स्थिति में भी नींबू की माला माता काली को पहनाने से लाभ होता है। लेकिन नींबू की माला बनाने और पहनाने की भी सही विधि मालुम होनी चाहिए।
नींबू की माला की सही विधि
सबसे पहले तो नींबू की संख्या जान लें। वैसे लोग विषम संख्या में नींबू लेते हैं जैसे की ग्यारह, इक्कीस या इक्यावन। लेकिन पंडितों का सुझाव है कि 51 नींबू की माला पहनानी चाहिए। दूसरी बात नींबू कच्चे नहीं होने चाहिए। पका हुआ हो और इनका रंग पीला होना चाहिए। तीसरी बात इन नींबू को गूंथने के लिए हमेशा काले धागे का इस्तेमाल करना चाहिए। ये माला कभी भी माता के चरणों में अर्पित नहीं करना चाहिए बल्कि उनके गले में पहननी चाहिए। सही तरीके से नींबू की माला पहनाने से माता भक्त की मनोकामना पूरी करती हैं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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