बनजान का ज्ञान उदय

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हालांकि ज्ञान प्राप्त करने की प्रक्रिया लंबी और कठिन है, लेकिन कई बार ज्ञान का उदय एक क्षण में होता है। एक बार जैन गुरु, बनजान एक बाजार की सड़क पर चल रहे थे जहां उन्होंने एक कसाई की अपने ग्राहक के साथ बातचीत सुनी।

ग्राहक ने कहा, "मुझे सबसे अच्छा मांस चाहिए, मुझे सबसे अच्छा मांस दो"

कसाई ने कहा, "मेरी दुकान में सब कुछ अच्छा है, तुम्हे एक भी मांस का एक टुकड़ा ऐसा नहीं मिलेगा जो की अच्छा नहीं हो।"

इस वार्तालाप को सुनकर बनजान का ज्ञान उदय हुआ।

Story first published: Monday, July 30, 2012, 10:10 [IST]
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