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क्या शीशे का टूटना अपशुगन होता है?
क्या आप जानतेहैं कि हाथी और बंदर जैसे जानवर पानी में अपनी परछाई को देख सकते हैं? लेकिन मनुष्य अक्सर अपनी परछाई या अक्श आइने में देखना पसंद करता है।
भारतीय संस्कृति में माना जाता है कि आइने में किसी आत्मा के एक हिस्से को कैद करने शक्ति होती है। इसी तरह रोमन मानते हैं कि आईने में दिखने वाली छवि असल में उसकी आत्मा होती है। इसलिए कांच का टूटना सात साल के लिए दुर्भाग्य का कारण बन सकता है क्योंकि शीशे तोड़ने वाले इंसान की आत्मा उसके अंदर फंस जाती है।

लेकिन ये बस एक अंधविश्वास है या फिर इसके पीछे सच में कोई तर्क है ?
सदियों पहले बड़ी मेहनत, प्रयास और विशेषज्ञता से आईने को बनाया जाता था। इसलिए उस समय ये काफी कीमती हुआ करता था और हर किसी को इसे बड़ी सावधानी से रखने के लिए कहा जाता था। वहीं टूटे हुए कांच के टुकड़े शरीर पर लगने पर बहुत दर्द होता है और गहरे घाव दे सकते हैं।

इसलिए लोगों में ये अंधविश्वास डाल दिया गया कि टूटे हुए कांच से सात साल के लिए दुर्भाग्य आ जाता है इसलिए इसका खास ख्याल रखना चाहिए।
इसके अलावा रोमन ने सबसे पहले कांच के आईने बनाए थे और ये अंधविश्वास सबसे पहले यूरोप में सुना गया था और फिर ये चीन, अफ्रीका और भारतीय संस्कृति तक पहुंचा।



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