Latest Updates
-
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं -
सिर्फ गांठ ही नहीं, ये 5 संकेत भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण, साधारण समझकर इग्नोर करने की न करें भूल -
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त -
SRH की मालकिन काव्या मारन की शादी हुई तय! कौन है दुल्हा, कब और कहां होगी वेडिंग, जानिए पूरी डिटेल्स -
Ashtami Kab Hai: 18 या 19 अक्टूबर, कब है अष्टमी? जानें सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी
क्या शीशे का टूटना अपशुगन होता है?
क्या आप जानतेहैं कि हाथी और बंदर जैसे जानवर पानी में अपनी परछाई को देख सकते हैं? लेकिन मनुष्य अक्सर अपनी परछाई या अक्श आइने में देखना पसंद करता है।
भारतीय संस्कृति में माना जाता है कि आइने में किसी आत्मा के एक हिस्से को कैद करने शक्ति होती है। इसी तरह रोमन मानते हैं कि आईने में दिखने वाली छवि असल में उसकी आत्मा होती है। इसलिए कांच का टूटना सात साल के लिए दुर्भाग्य का कारण बन सकता है क्योंकि शीशे तोड़ने वाले इंसान की आत्मा उसके अंदर फंस जाती है।

लेकिन ये बस एक अंधविश्वास है या फिर इसके पीछे सच में कोई तर्क है ?
सदियों पहले बड़ी मेहनत, प्रयास और विशेषज्ञता से आईने को बनाया जाता था। इसलिए उस समय ये काफी कीमती हुआ करता था और हर किसी को इसे बड़ी सावधानी से रखने के लिए कहा जाता था। वहीं टूटे हुए कांच के टुकड़े शरीर पर लगने पर बहुत दर्द होता है और गहरे घाव दे सकते हैं।

इसलिए लोगों में ये अंधविश्वास डाल दिया गया कि टूटे हुए कांच से सात साल के लिए दुर्भाग्य आ जाता है इसलिए इसका खास ख्याल रखना चाहिए।
इसके अलावा रोमन ने सबसे पहले कांच के आईने बनाए थे और ये अंधविश्वास सबसे पहले यूरोप में सुना गया था और फिर ये चीन, अफ्रीका और भारतीय संस्कृति तक पहुंचा।



Click it and Unblock the Notifications
