Latest Updates
-
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय -
Teacher's Day 2026: 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानिए क्या है इसका इतिहास और महत्व -
Teacher's Day 2026 Sanskrit Wishes: इन संस्कृत श्लोकोंं के जरिए गुरुजनों को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Teacher’s Day 2026 Wishes: गुरु का ज्ञान...इन संदेशों के साथ अपने टीचर्स को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Dahi Handi 2026: 5 या 6 सितंबर, कब है दही हांडी? जानें क्यों और कैसे मनाते हैं ये पर्व -
Janmashtami 2026: धन, प्रेम विवाह और संतान प्राप्ति के लिए जन्माष्टमी पर करें ये अचूक उपाय, पूरी होगी मनोकामना -
Happy Krishna Janmashtami 2026 Wishes: नंद के घर खुशियां आईं...जन्माष्टमी पर अपनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर तुलसी तोड़ सकते हैं या नहीं? जानें क्या हैं धार्मिक नियम -
Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर घूमने के लिए बेस्ट हैं ये 7 जगहें, दिखेगा कृष्ण भक्ति का खास रंग
Chanakya Niti: कैसे परखें किसी का चरित्र, आचार्य चाणक्य ने बताया है इसका आसान तरीका
आचार्य चाणक्य ने अपनी रचनाओं में कई विषयों पर बात की। उन्होंने अपने नीति शास्त्र चाणक्य नीति में मानव जीवन से संबंधित कई सिद्धांतों, नीतियों और सुझावों को लिखा जिनका पालन करके जीवन में सुख, सफलता और सुकून को प्राप्त किया जा सकता है। आचार्य चाणक्य के अनुसार किसी इंसान पर भरोसा करने से पहले उसको परखना जरुर चाहिए। जानते हैं चाणक्य के अनुसार किसी व्यक्ति के चरित्र के बारे में जानने की क्या प्रक्रिया है।

चरित्र को परखने से जुड़ा श्लोक
चाणक्य नीति के पांचवे अध्याय में वे एक श्लोक के माध्यम से ऐसे पैमाने बताते हैं जिनके आधार पर किसी व्यक्ति को परखा जा सकता है -
यथा चतुर्भि: कनकं परीक्ष्यते निघर्षणं छेदनतापताडनै:।
तथा चतुर्भि: पुरुषं परीक्ष्यते त्यागेन शीलेन गुणेन कर्मणा।।

श्लोक का अर्थ
चाणक्य के अनुसार सोने की परख के लिए सोने को रगड़कर देखा जाता, काटा जाता है, आग में तपाया जाता है और पीट पीटकर देखा जाता है। सोने को परखने की इसी प्रक्रिया की तरह ही चाणक्य व्यक्ति को भी परखने के तरीके बताते है। उनके अनुसार किसी इंसान का चरित्र परखना हो तो उसमें इन चार कारकों को देखना चाहिए, वे हैं त्याग, शीलता, गुण एवं कर्म।

त्याग और शीलता
यदि व्यक्ति दूसरों कि ख़ुशी के लिए अपने सुखों का भी त्याग करने को तैयार रहें वो भरोसे के लायक होता है। इसके साथ ही उस व्यक्ति का चरित्र शील होना चाहिए। दूसरों के साथ अच्छा व्यवहार रखता हो और किसी भी प्रकार की गलत मंशा न रखता हो। ऐसे लोगों पर भरोसा किया जा सकता है।

गुण और कर्म
व्यक्ति में सच का साथ देने का गुण होना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति में क्रोध, आलस्य, घमंड और स्वार्थ जैसे गुण मौजूद हैं तो इन पर भूलकर भी भरोसा न करें। चाणक्य के अनुसार व्यक्ति के चरित्र को परखने का एक पैमाना है कर्म। व्यक्ति के कर्मों को भी विश्लेषित करना चाहिए। यदि उसके कर्म अनैतिक हों तो वो व्यक्ति भरोसे के लायक नहीं होता।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications