जिन्‍होने मानी चाणक्‍य की ये बातें, वह कभी नहीं होंगे असफल

चाणक्‍य एक बहुत ही बुद्धिमान, चतुर और प्रसिद्ध अर्थशास्‍त्री थे, जो चंद्रगुप्‍त मौर्य के महामंत्री थे। चाणक्‍य ने ऐसी कई नीतियां बनाई थीं, जिससे आप आज के युग में सफल होने के लिये अपना सकते हैं।

चाणक्य भारत के महान विद्वानों में से एक माने जाते हैं। मौर्य साम्राज्य के संस्थापक चाणक्य कुशल राजनीतिज्ञ, चतुर कूटनीतिज्ञ, प्रकांड अर्थशास्त्री के रूप में भी विश्वविख्‍यात हुए। चाणक्य ने जो नीतियां और सिद्धांत बताएं हैं, अगर आप उस पर अमल कर लें तो आपका जीवन सफल हो जाएगा।

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चाणक्‍य ने अपनी नीति में मित्र, पुत्र, भगवान, भय, लक्ष्‍य, ईमानदारी, मनुष्‍य की अच्‍छाई और ऐसी ही हजाऱ तरह की जरुरी बातों पर ज्ञान दिया है। ये सभी बातें हमें आगे बढ़ने के लिये और समस्‍याओं से ना घबराने के लिये प्रेरित करती हैं।

आप चाहें कॉलेज के स्‍टूडेंट हों या फिर एक पुत्र के पिता, आपके लिये चाणक्‍य के पास हर सवाल का सरल जवाब होगा।

 शिक्षा

शिक्षा

शिक्षा सबसे अच्छी मित्र है। एक शिक्षित व्यक्ति हर जगह सम्मान पता है. शिक्षा सौंदर्य और यौवन को परास्त कर देती है।

रहस्‍य

रहस्‍य

अपने रहस्यों को किसी पर भी उजागर मत करो। यह आदत आपको बर्बाद कर सकती है।

मित्रता

मित्रता

हर मित्रता के पीछे कोई ना कोई स्वार्थ होता है। ऐसी कोई मित्रता नहीं जिसमें स्वार्थ ना हो। यह कड़वा सच है।

वर्तमान

वर्तमान

हमें भूत के बारे में पछतावा नहीं करना चाहिए, ना ही भविष्य के बारे में चिंतित होना चाहिए। विवेकवान व्यक्ति हमेशा वर्तमान में जीते हैं।

आत्म सुधार

आत्म सुधार

कोई काम शुरू करने से पहले, स्वयम से तीन प्रश्न जरुर कीजिये - मैं ये क्यों कर रहा हूँ, इसके परिणाम क्या हो सकते हैं और क्या मैं सफल हो पाऊगां? और जब गहरई से सोचने पर इन प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर मिल जायें, तभी आगे बढें।

महानता

महानता

कोई व्यक्ति अपने कार्यों से महान होता है, अपने जन्म से नहीं।

भगवान

भगवान

भगवान मूर्तियों में नहीं है। आपकी अनुभूति आपका इश्वर है। आपकी आत्मा आपका मंदिर है।

भय

भय

जैसे ही भय आपके करीब आये , उस पर आक्रमण कर उसे नष्ट कर दीजिये।

ईमानदारी

ईमानदारी

एक बार जब आप कोई काम शुरु करते हैं, तो असफलता से डरे नहीं और ना ही उसे त्‍यागें। ईमानदारी से काम करने वाले लोग खुश रहते हैं।

 इंसान की अच्‍छाई

इंसान की अच्‍छाई

फूल की खुशबू केवल हवा की दिशा में जाएगी। लेकिन एक अच्‍छे इंसान की अच्‍छाई सब जगह फैलेगी।

परवरिश

परवरिश

जन्‍म के पांचवे साल तक पुत्र को प्‍यार करना चाहिये, फिर दस साल तक दंडित करना चाहिये और एक बार जब वह सोलह वर्ष का हो जाए, तब उसे अपना दोस्‍त बना लेना चाहिये।

बुरा मित्र-अच्‍छा मित्र

बुरा मित्र-अच्‍छा मित्र

एक बुरे मित्र पर कभी विश्वास ना करें। एक अच्छे मित्र पर भी विश्वास ना करें। क्यूंकि यदि ऐसे लोग आपसे रुष्ट होते हैं, तो आप के सभी राज़ से पर्दा खोल देंगे।

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