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ब्रह्मा-विष्णु-महेश के अवतार थे दत्तात्रेय, जानें इनकी जयंती की तिथि और इस दिन का खास महत्व
हिंदू धर्म के मानने वालों के लिए भगवान दत्तात्रेय का विशेष स्थान है। भगवान दत्तात्रेय ऋषि अत्रि और देवी अनुसूया के पुत्र थे। इन्हें ब्रह्माजी, भगवान विष्णु और भोलेनाथ का अवतार माना जाता है।

दत्तात्रेय की तीन सिर और छह भुजाएं हैं। ऐसा मान जाता है कि भगवान दत्तात्रेय ने 24 गुरुओं से शिक्षा प्राप्त की थी। लोगों में प्रचलित मान्यता के अनुसार कहा जाता है कि भगवान दत्तात्रेय भक्तों के केवल स्मरण मात्र से ही उनके पास पहुंच जाते हैं इसलिए उन्हें ''स्मृतिमात्रानुगन्ता'' और ''स्मर्तृगामी'' भी कहा जाता है। इस लेख के जरिये जानते हैं कि ब्रह्मा-विष्णु-महेश के अवतार दत्तात्रेय की जयंती कब मनाई जाएगी और इस दिन का क्या महत्व है।

कब मनाई जाती है दत्तात्रेय जयंती?
हिंदू पंचांग के मुताबिक मार्गशीर्ष महीने की पूर्णिमा तिथि के दिन दत्तात्रेय जयंती मनायी जाती है। ऐसा माना जाता है कि इसी दिन सती अनुसूया के पुत्र दत्तात्रेय का जन्म प्रदोष काल में हुआ था। साल 2020 में दत्तात्रेय जयंती मंगलवार 29 दिसंबर को मनाई जाएगी।

दत्तात्रेय जयंती 2020 तिथि और शुभ मुहूर्त
29 दिसंबर, 2020
पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ - सुबह 07 बजकर 54 मिनट से (29 दिसंबर, 2020)
पूर्णिमा तिथि समाप्त - अगले दिन सुबह 8 बजकर 57 मिनट तक (30 दिसंबर, 2020)

दत्तात्रेय जयंती का महत्व
मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि के दिन पड़ने वाली दत्तात्रेय जयंती मुख्य रूप से कर्नाटक, महराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और गुजरात में मनायी जाती है। इन्हें भगवान शिव, भगवान विष्णु और ब्रह्मा जी तीनों का अवतार माना जाता है। इनपर भक्तों की बड़ी आस्था है। इस दिन भगवान दत्तात्रेय के मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना की जाती है। हर साल उनकी जयंती के मौके पर भक्त उनका आशीर्वाद पाने के लिए उनकी आराधना करते हैं।

मार्गशीर्ष पूर्णिमा
इसी दिन मार्गशीर्ष पूर्णिमा भी पड़ती है। ऐसी मान्यता है कि मार्गशीर्ष महीने से ही सतयुग का आरंभ हुआ था और इस महीने में पड़ने वाली पूर्णिमा मार्गशीर्ष पूर्णिमा कहलाती है। इस दिन दान, स्नान और तप का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। हरिद्वार, मथुरा, बनारस और प्रयागराज जैसी जगहों पर इस दिन के लिए खास इंतजाम भी किये जाते हैं।



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