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पानी में क्यूं किया जाता है गणेश विसर्जन, जानिए...
गणेश उत्सव 25 अगस्त से शुरु हुआ था। पूरे देश में इस समय गणेश महोत्सव की धू्म है। गणपति महोत्सव के पहले दिन ही सभी श्रद्धालु अपने घर में गणपति की स्थापना करते है। 10वें दिन उसका विसर्जन बड़ी घूमधाम से किया जाता है, पर क्या आप जानते हैं कि आखिर गणपति विसर्जन क्यूं किया जाता है। दरअसल इसके पीछे भी एक कहानी हैं। जानने के लिए आगे पढिए....


पुराणों में दर्ज है कहानी
गणेश उत्सव के बाद उनकी प्रतिमा का विसर्जन करने के पीछे की कहानी पुराणों में दर्ज है। कहा जाता है कि जब कवि व्यास ने गणपति को महाभारत की कहानी सुनानी शुरु की तो बिना रुके वो दस दिनों तक कहानी सुनाते रहे, और भगवान गणेश लगातार बिना रुके हुए उसको लिखते रहे थे।

कथा पूरी होने के बाद क्या हुआ
लगातार दस दिन तक बिना रुके महाभारत लिखने के कारण गणेश जी का शरीर पूरी तरह से गर्म होकर जलने लगा था। महार्षि व्यास ने जब आंखे खोली तो गणेश जी के शरीर का तापमान कम करने के लिए पास के कुंड में ले गए और स्नान करवाया। यही कारण है कि आज हम 10 दिन के बाद गणेश विसर्जन करते हैं।

घर में कैसे करें गणेश विसर्जन
यदि आप घर में ही गणपति का विसर्जन करना चाहते है तो आप गणपति को एक गमले में पानी डालकर विसर्जित कर सकते है। उसके बाद उस गमले में पौधा भी लगा दें। लेकिन ध्यान रहे आपको उस गमले में तुलसी नहीं लगानी है क्यूंकि गणेश जी पर तुलसी नहीं चढ़ाई जाती है।

किस विधि से करें गणेश का विसर्जन
गणेश जी को विसर्जित करने से पहले उनकी पूजा करें और विधिवत आरती करें। अपनी मनोकामना पूरी करने की प्रार्थना करें उसके बाद आप उनको किसी नदी या तालाब में विसर्जित करें।



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