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Eid Kab Hai 2026: भारत में किस दिन दिखेगा ईद का चांद? नोट कर लें ईद-उल-फितर की तारीख
Eid ul-Fitr 2026 Date in India, Eid Kab Hai: इस्लामी कैलेंडर के अनुसार, रमजान का महीना वह पवित्र समय है जब बंदा अपने रब के सबसे करीब होता है। पूरे महीने की भूख-प्यास और रातों की तरावीह के बाद, जब शव्वाल का महीन चांद आसमान पर अपनी चमक बिखेरता है, तो वह खुशियों की सौगात 'ईद-उल-फितर' लेकर आता है। साल 2026 में भारत समेत पूरी दुनिया में ईद की तारीख को लेकर उलझन बनी हुई है। 19 फरवरी 2026 से रमजान का पाक महीना शुरू हुआ था और अल्लाह के बंदों ने रोजे रख खुदा की इबादत शुरू कर दी। सहरी के साथ रोजे की शुरुआत होती है और इफ्तारी के साथ रोजा खोला जाता है।
चूंकि इस्लामी त्यौहार पूरी तरह चांद के दीदार पर निर्भर करते हैं, इसलिए 20 और 21 मार्च की तारीखों के बीच का सस्पेंस बरकरार है। आइए जानते हैं क्या कहते हैं खगोलशास्त्री और क्या है ईद-उल-फितर का धार्मिक महत्व।

ईद कब है मार्च 2026 में?
भारत में ईद की तारीख मुख्य रूप से सउदी अरब के चांद और फिर स्थानीय चांद कमेटियों (रुआत-ए-हिलाल कमेटी) के फैसले पर निर्भर करती है। ऐसे में लोगों के मन में कन्फ्यूजन बना रहता है कि ईद कब मनाई जाएगी। बता दें कि यदि शव्वाल का चांद 19 मार्च 2026, दिन गुरुवार की शाम को नजर आ जाता है, तो रमजान का महीना 29 दिनों का होगा और भारत में ईद 20 मार्च, दिन शुक्रवार को मनाई जाएगी। इसके साथ ही यदि ईद का चांद 20 मार्च को नजर आता है तो ईद 21 मार्च को मनाई जाएगी।
क्यों मनाया जाता है ईद-उल-फितर?
ईद-उल-फितर सिर्फ पकवानों और नए कपड़ों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह एक महान रूहानी और सामाजिक संदेश देता है। माना जाता है कि रमजान के पूरे महीने इबादत करने के बदले अल्लाह अपने बंदों को ईद के रूप में इनाम देता है। इस्लामी इतिहास के अनुसार, पहली बार ईद-उल-फितर 624 ईसवी में 'जंग-ए-बद्र' की फतह के बाद मनाई गई थी। इस दिन लोग गले मिलकर पुराने गिले-शिकवे दूर करते हैं और समाज में प्रेम का संदेश फैलाते हैं।
कैसे मनाई जाती है ईद?
ईद के दिन की रौनक सुबह सूरज निकलने से पहले ही शुरू हो जाती है।
दिन की शुरुआत सुबह की नमाज जिसे फज्र की नमाज कहते हैं से होती है। इसके बाद स्नान (गुस्ल) कर नए कपड़े पहने जाते हैं।
पुरुष सामूहिक रूप से ईदगाह या बड़ी मस्जिदों में ईद की विशेष नमाज अदा करते हैं।
इस ईद को 'मीठी ईद' भी कहा जाता है, इसलिए घर-घर में लजीज सेवइयां और पकवान बनते हैं।
बड़े बुजुर्ग बच्चों को प्यार स्वरूप पैसे या उपहार देते हैं, जिसे 'ईदी' कहा जाता है।
फितरा एक अनिवार्य दान है जो ईद की नमाज से पहले गरीबों को दिया जाता है ताकि वे भी खुशियां मना सकें। इसे 'जकात-उल-फितर' भी कहते हैं।
उत्तर: अमूमन भारत में ईद सऊदी अरब के एक दिन बाद मनाई जाती है, क्योंकि भौगोलिक स्थिति के कारण चांद भारत में एक दिन बाद दिखाई देता है।



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