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Ramadan 2026 Iftar Time Today: आज रोजा खोलने का क्या है समय? जानें आपके शहर में इफ्तारी का वक्त
Ramadan 2026- Aaj Kitne Baje Khulega Roza: इबादत, बरकत और आत्म-संयम का मुकद्दस महीना रमजान अपने पूरे नूर के साथ जारी है। 19 फरवरी से शुरू हुए इस रूहानी सफर में आज, 23 फरवरी 2026 (सोमवार) को दुनिया भर के मुसलमान पांचवा रोजा रख रहे हैं। इस्लाम में रमजान का हर दिन खास है, लेकिन पांचवें रोजे को 'दुआओं की कबूलियत' का अहम पड़ाव माना जाता है। रमजान के दौरान रोजेदार सूरज निकलने से पहले 'सेहरी' कर अल्लाह की इबादत का संकल्प लेते हैं और सूर्यास्त के समय 'इफ्तार' के साथ अपना रोजा मुकम्मल करते हैं।
चूंकि भौगोलिक स्थिति के कारण हर शहर में सूर्योदय और सूर्यास्त का समय अलग होता है, इसलिए इफ्तार के वक्त में भी कुछ मिनटों का अंतर पाया जाता है। अगर आप भी दिल्ली, यूपी, मुंबई या अन्य प्रमुख शहरों में रहते हैं, तो आइए जानते हैं आज 23 फरवरी को इफ्तार का सटीक टाइमटेबल।

पांचवें रोजे का महत्व, क्यों है यह खास?
रमजान के पहले 10 दिन 'रहमत' (अल्लाह की दया) के होते हैं। पांचवा रोजा इस रहमत के अशरे का मध्य भाग है। इसे 'दुआ का दरख्त' भी कहा जाता है। मान्यता है कि इफ्तार के समय जब रोजेदार भूख और प्यास की शिद्दत में होता है, उस वक्त मांगी गई उसकी हर जायज दुआ अल्लाह के दरबार में कुबूल होती है।
रोजेदारों के लिए जरूरी हिदायत
विभिन्न शहरों में सेहरी और इफ्तार के समय में कुछ मिनटों का फासला होना स्वाभाविक है। कुछ जगहों पर सेहरी जल्दी खत्म हो जाती है, तो कुछ शहरों में इफ्तार थोड़ी देर से होता है। ऐसे में रोजेदारों को सलाह दी जाती है कि वे अपने शहर के आधिकारिक टाइमटेबल या स्थानीय मस्जिद के सायरन के अनुसार ही रोजा खोलें और सेहरी करें।
रोजा खोलने का आज क्या है सही समय?
रोजा खोलने का सही समय बहुत जरूरी होता है वरना अल्लाह की इबादत में खलल पैदा हो जाती है। इस्लाम में माना जाता है कि इफ्तार और सहरी सही समय पर न हो तो रोजा टूट भी सकता है। ऐसे में अगर आप भी जानना चाहते हैं कि आज रोजा खोलने का सही समय क्या है तो नीचे शहर वाइज लिस्ट दी गई है जो आपके काम की है।
| शहर | सेहरी का समय (24 Feb सुबह) | इफ्तार का समय (23 Feb शाम) |
| लखनऊ | 05:19 | 18:03 |
| अलीगढ़ | 05:30 | 18:14 |
| गाजियाबाद | 05:33 | 18:16 |
| नोएडा | 05:33 | 18:16 |
| फरीदाबाद | 05:33 | 18:17 |
| दिल्ली | 05:33 | 18:18 |
| गुरुग्राम | 05:34 | 18:18 |
| भोपाल | 05:32 | 18:20 |
| हैदराबाद | 05:39 | 18:25 |
| अहमदाबाद | 05:51 | 18:40 |
| मुंबई | 05:44 | 18:45 |
इफ्तार की दुआ (Iftar Ki Dua)
हिंदी में: "अल्लाहुम्मा लका सुमतु व-बिका आमंतु व-अ़लैका तवक्कलतु व-अ़ला रिज़कि़का अफ़्तरतु।"
तर्जुमा: "ऐ अल्लाह! मैंने तेरे ही लिए रोजा रखा और तुझ पर ही ईमान लाया और तुझ पर ही भरोसा किया और तेरे ही दिए हुए रिज्क से इफ्तार किया।"
रोजा खोलने का सुन्नत तरीका जल्द इफ्तार करना:
सूरज डूबने के बाद (मगरिब की अजान होते ही) इफ्तार में देरी न करना सुन्नत है।
खजूर से शुरुआत: अल्लाह के नबी अक्सर खजूर से रोजा खोलते थे। यदि खजूर न हो, तो पानी से रोजा खोलना सुन्नत है।
दुआ मांगना: इफ्तार से ठीक 5-10 मिनट पहले अल्लाह से अपनी जायज मुरादों के लिए दुआ मांगें, क्योंकि इस वक्त दुआ रद्द नहीं होती।
इफ्तार के समय इन बातों का रखें खास ख्याल
ताजा और हल्का भोजन: दिन भर खाली पेट रहने के बाद अचानक बहुत ज्यादा तला-भुना (Oily Food) न खाएं। इससे पाचन बिगड़ सकता है।
पानी का सही संतुलन: प्यास बुझाने के लिए एक साथ ढेर सारा ठंडा पानी न पिएं। इससे पेट में ऐंठन हो सकती है। धीरे-धीरे और कमरे के तापमान वाला पानी पिएं।
दूसरों को इफ्तार कराना: यदि मुमकिन हो, तो किसी जरूरतमंद या पड़ोसी को इफ्तार का कुछ हिस्सा भेजें। रोजा इफ्तार कराने वाले को भी उतना ही सवाब मिलता है जितना रोजा रखने वाले को।
मगरिब की नमाज: इफ्तार के तुरंत बाद बहुत ज्यादा खाना न खाएं, ताकि आप सुस्ती महसूस न करें और मगरिब की नमाज सुकून से अदा कर सकें।



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