दोष खाना

Soup
एक बार राज्य के अध्यात्मिक गुरू फुगाई और उनके अनुयायियों के रात के भोजन में देर हो गई। जल्दी में रसोईया बगीचे में गया और हरी सब्ज़ियों का ऊपरी भाग काटा और उनके छोटे छोटे टुकड़े किये और सूप बना लाया।

जल्दी में वह यह नहीं जान पाया कि उसने सब्जियों के साथ सांप का एक भाग भी सूप में मिला दिया है। खाना परोसा गया और फुगाई के अनुयायियों को सूप बड़ा ही स्वादिष्ट और अदभुत लगा।

जब फुगाई को उसके सूप के कटोरे में सांप का सिर मिला, उसने रसोईये को बुलाया और सांप का सिर पकड़कर बोला, यह क्या है? ओह, धन्यवाद गुरूजी, रसोईये ने कहा और जल्दी से निवाला (कौर) लेकर खा लिया|

Story first published: Monday, August 20, 2012, 15:03 [IST]
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