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काम के साथ भोजन
Short Story
oi-Staff
By Purnima

ह्याकुजो के विद्यार्थी गुरू के लिए बड़ा दुखी महसूस करते थे परंतु वे यह जानते थे कि वह उनके शब्दों पर ध्यान नहीं देगें। अत: उन्होंने गुरू के इस श्रम का अंत करने के लिए एक योजना बनाई।
उसका जीवन परिश्रम मुक्त करने के लिए उन्होंने उसके हथियार छुपा दिए। गुरू ने उस दिन खाना नहीं खाया और भोजन के लिए उसका यह संयम अगले तीन दिनों तक वैसे ही जारी रहा।
दहशत में घबराए छात्रों के पास उसके औज़ार उसी स्थान पर रखने के अलावा अन्य कोई उपाय नहीं था। ह्याकुजो ने फिर से काम शुरू कर दिया और उसी दिन अपना उपवास तोड़ दिया। गुरू ने उस दिन शाम को शिक्षा दी, "काम नहीं, भोजन नहीं "
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English summary
Food With Work | काम के साथ भोजन
Story first published: Wednesday, September 12, 2012, 13:47 [IST]
Other articles published on Sep 12, 2012



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