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हिंदू मान्यता के अनुसार जब भगवान् विष्णु श्री राम का अवतार लेकर रावण का वध करने आये तब उनकी सहायता के लिए शिव ने वानर रूप में अवतार लिया। मान्यता है कि पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को हनुमान जी ने जन्म लिया था इसलिए इस दिन हनुमान जयंती धूमधाम से मनाई जाती है।

कब है हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti 2023)?
इस वर्ष यानी 2023 में हनुमान जयंती 6 अप्रैल दिन गुरुवार को मनाई जायेगी। 5 अप्रैल 2023 दिन बुधवार को सुबह 9 बजकर 19 मिनट से पूर्णिमा तिथि प्रारंभ होगी और 6 अप्रैल दिन शुक्रवार को सुबह 10 बजकर 4 मिनट पर समाप्त होगी।

हनुमान जयंती की कथा (Hanuman Jayanti Katha)
एक बार दुर्वासा ऋषि स्वर्ग में एक सभा कर रहे थे। उस समय देवराज इंद्र का आगमन हुआ लेकिन उनके साथ एक अप्सरा भी आ गयी जिनको निमंत्रण नहीं दिया गया था। अप्सरा की खूबसूरती से देवताओं का ध्यान भटकने लगा। इस पर दुर्वासा ऋषि को क्रोध हो आया और उन्होंने अप्सरा को श्राप दिया कि तुम बंदरिया बन जाओ। अप्सरा ने जब बहुत हाथ पैर जोड़े और माफ़ी मांगी तब दुर्वासा ऋषि ने कहा कि अगले जन्म में तुम्हारी शादी वानर राज से होगी और उससे एक बन्दर संतान उत्पन्न होगा तब जाकर तुम्हारा श्राप ख़त्म होगा। अगले जन्म में उस अप्सरा की शादी वानर राज केसरी से हुई और इन्हें जो पुत्र हुआ वही हनुमान जी हैं। इस वजह से हनुमान जी को केसरीनंदन भी कहते हैं। उस अप्सरा का नाम था अंजनी इसलिए हनुमान को अंजनीनंदन भी कहा जाता है।

कैसे करें पूजा एवं व्रत
हनुमान जयंती की एक रात पूर्व हनुमान, श्री राम और माता जानकी का स्मरण करके सोयें। सुबह उठते ही मन में फिर से तीनो को प्रणाम करें। स्नान ध्यान करके पूर्व या उत्तर की ओर मुंह करके हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें। इसके बाद षोडशोपचार करने के बाद पूजा करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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