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हनुमान जयंती 2019: बजरंगबली की कृपा पाने के लिए करें पूजन, मिलेगा बड़ा लाभ
चैत्र माह की पूर्णिमा को दिन बहुत ही पवित्र और शुभ माना जाता है। चैत्र माह की पूर्णिमा हनुमान जी के जन्मदिन के तौर पर मनाई जाती है। इस साल ये तिथि शुक्रवार को पड़ रही है। जानकारों के मुताबिक इस बार मंगल का चित्रा नक्षत्र भी है। इस ख़ास मौके पर भक्त व्रत रखते हैं, मंदिर जाकर हनुमान जी का आशीर्वाद पाने के लिए पूजा करते हैं। जानते हैं बजरंगबली की कृपा पाने के लिए किस विधि से आपको उनकी जयंती पर पूजा करनी चाहिए।

जानें हनुमान जी की जन्म कथा के बारे में
राम भक्त हनुमान भगवान शिव के 11वें अवतार माने गए हैं। पौराणिक कथा के अनुसार एक बार अमरत्व की प्राप्ति के लिए देवताओं और असुरों ने मिलकर समुद्र मंथन किया। उसमें से निकले अमृत को असुरों ने छीन लिया। इस अमृत को पाने के लिए देवताओं और राक्षसों के बीच युद्ध छिड़ गया। भगवान विष्णु ने असुरों से छल करके अमृत लेने के लिए मोहिनी का रूप धरा। उनकी खूबसूरती देखकर असुरों के साथ भगवान शिव भी कामुक हो उठे। इस दौरान भगवान शिव ने वीर्य का त्याग किया जिसे पवनदेव ने वानरराज केसरी की पत्नी अंजना के गर्भ में प्रविष्ट कर दिया। इसके बाद ही अंजना माता के गर्भ से संकटमोचक हनुमान का जन्म हुआ।

ये है हनुमान जयंती की व्रत और पूजन की विधि
इस दिन व्रत रखने वाले भक्त को एक दिन पहले से ही ब्रम्हचर्य का पालन करना चाहिए। जयंती वाले दिन ब्रह्म मुहूर्त में जागकर सबसे पहले माता सीता, प्रभु राम और बजरंगबली का स्मरण करें। स्वच्छ होने के पश्चात् हनुमान जी की प्रतिमा को स्थापित करके विधि के साथ पूजा करें। इन्हें आप जनेऊ भी चढ़ा सकते हैं। हनुमान जी को सिंदूर बहुत प्रिय है और इसके साथ चांदी का वर्क चढ़ाने की भी रिवायत है। आप हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ करें और उनकी आरती उतारें। हनुमान जयंती के मौके पर स्वामी तुलसीदास द्वारा रचित श्रीरामचरितमानस के सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का अखंड पाठ भी करवाया जाता है। प्रसाद के रुप में उन्हें गुड़, भीगे या भुने हुए चने और बेसन के लड्डू चढ़ाए जाते हैं।

हनुमान जयंती तिथि 2019
हनुमान जयंती तिथि: शुक्रवार, 19 अप्रैल 2019
पूर्णिमा तिथि आरंभ: 18 अप्रैल 2019 को शाम 07:26 बजे से
पूर्णिमा तिथि समाप्त: 19 अप्रैल 2019 को शाम 04:41 बजे तक



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