Latest Updates
-
'कांटे' और 'शूटआउट एट वडाला' के निर्देशक संजय गुप्ता का 57 साल की उम्र में निधन, सामने आई मौत की वजह -
Ahoi Ashtami Vrat Me Pani Kab Piye: अहोई अष्टमी के व्रत में पानी पीना चाहिए या नहीं? जानें व्रत के जरूरी नियम -
Namakpara Recipe: दिवाली पर घर पर बनाएं बिना मैदा के कुरकुरे नमकपारे, निशा मधुलिका ने बताई आसान रेसिपी -
Halloween 2026: क्यों मनाया जाता है हैलोवीन? जानिए कहां और कैसे शुरू हुआ यह 'डरावना त्योहार' -
National Unity Day 2026 Wishes: हमारी पहचान हमारी एकता...राष्ट्रीय एकता दिवस पर आप भी भेजें ये शुभकामना संदेश -
Halloween 2026: हैलोवीन पार्टी के लिए ट्राई करें ये 5 स्पूकी मेकअप आइडियाज, दिखेंगी सबसे अलग -
बार-बार होने वाला सिरदर्द कहीं ब्रेन ट्यूमर तो नहीं? डॉक्टर ने बताए 5 वार्निंग संकेत जिन्हें पहचानना है जरूरी -
Ahoi Ashtami 2026: 1 या 2 नवंबर, अहोई अष्टमी कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Karwa Chauth Wishes For Saasu Maa: आपके आशीर्वाद से...करवा चौथ पर सासू मां को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Happy Karwa Chauth Wishes For Husband: चांद से भी प्यारा...करवाचौथ पर जीवनसाथी को भेजें ये प्यार भरे संदेश
अष्टमी-नवमी पर कन्या पूजन के दौरान रखें इन बातों का ख्याल
मां दुर्गा के भक्तों के लिए नवरात्रि का समय बेहद ख़ास होता है। उनके लिए ये नौ दिन बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। नवरात्रि के समय में पूजा-अर्चना करने के साथ ही वो माता को प्रसन्न करने के लिए व्रत भी करते हैं। नवरात्रि की अष्टमी अथवा नवमी तिथि बहुत शुभ तथा कल्याणकारी होती हैं। अष्टमी अथवा नवमी पर लोग घर पर कन्याओं को बुलाकर उनका पूजन करते हैं। इस साल आप भी अष्टमी अथवा नवमी पर कन्या पूजन कर रहे हैं तो इन बातों का ख्याल रखना बहुत जरुरी है।

कन्या पूजन का महत्व
नवरात्रि की अष्टमी तिथि के दिन महागौरी और नवमी तिथि के दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। भक्त इन दोनों तिथि में से किसी भी एक दिन कन्याओं को घर बुलाकर भोजन कराते हैं। कन्या पूजन के लिए नौ छोटी बालिकाओं को भोजन करवाना चाहिए। ये नौ कन्याएं देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों का प्रतीक मानी जाती हैं। इनके साथ एक बालक को भी जरूर भोजन के लिए बुलाएं, यह बटुक भैरव का प्रतीक होता है।

कन्या पूजन से जुड़ी जरुरी बातें
माता के स्वरूप के साथ भैरव बाबा की पूजा की जाती है इसलिए कन्या पूजन के लिए आप बालिकाओं के साथ एक बालक को अवश्य बुलाएं।
कन्या पूजन के लिए दो से दस साल तक के आयु वर्ग की बालिकाओं को घर बुलाएं।
कंजक के लिए आयी कन्याओं के पैरों और पानी से धोएं। उनके पैर छूकर आशीर्वाद लें और फिर उन्हें उचित स्थान पर बिठाएं।
पूजन के लिए आई कन्याओं को खीर-पूड़ी जरूर खिलाएं। नमकीन में आप आलू या कद्दू की सब्जी भी खिला सकते हैं।
घर आई माता की प्रतीक इन कन्याओं को भोजन कराने के बाद लाल चुनरी, रुमाल, फल, खिलौने आदि उपहार दें और इनके चरण स्पर्श करके आशीर्वाद लें। इन्हें प्यार और सम्मान के साथ घर से विदा करें।

दशहरा की तिथि
नवरात्रि के नौ दिन पूरे होने के बाद दसवें दिन विजयदशमी का पर्व पूरे देश में मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार साल 2020 में दशहरा का पर्व 25 अक्टूबर को मनाया जाएगा। दशहरा उत्सव के 20 दिन बाद दीपावली का त्योहार पड़ता है।



Click it and Unblock the Notifications
