Latest Updates
-
World Ovarian Cancer Day 2026: ओवेरियन कैंसर से बचने के लिए महिलाएं करें ये काम, डॉक्टर ने बताए बचाव के तरीके -
World Ovarian Cancer Day 2026: ओवेरियन कैंसर होने पर शरीर में दिखाई देते हैं ये 5 लक्षण, तुरंत करवाएं जांच -
World Thalassemia Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व थैलेसीमिया दिवस? जानें इसका महत्व और इस साल की थीम -
Mother's Day 2026: डिलीवरी के बाद हर महिला को करने चाहिए ये योगासन, जल्दी रिकवरी में मिलेगी मदद -
Mother's Day 2026: मदर्स डे पर मां को दें सेहत का तोहफा, 50 के बाद जरूर करवाएं उनके ये 5 जरूरी टेस्ट -
Mother’s Day Special: बेटे की जिद्द ने 70 साल की उम्र में मां को दी हिम्मत, वायरल हैं Weightlifter Mummy -
कौन हैं अरुणाचलम मुरुगनाथम? जिन्हें नोबेल शांति पुरस्कार 2026 के लिए किया गया नॉमिनेट -
सुबह खाली पेट भीगी हुई किशमिश खाने से सेहत को मिलेंगे ये 5 फायदे, कब्ज से लेकर एनीमिया से मिलेगी राहत -
Rabindranath Tagore Jayanti 2026 Quotes: रवींद्रनाथ टैगोर जयंती के मौके पर शेयर करें उनके ये अनमोल विचार -
Aaj Ka Rashifal 7 May 2026: आज धनु और कर्क राशि के लिए बड़ा दिन, पढ़ें सभी 12 राशियों का हाल
इस विधि से परिवर्तनी एकादशी पर करें पूजन, पूरी होगी सारी मनोकामनाएं
आषाढ़ मास की शुक्लपक्ष की एकादशी तिथि को भगवान विष्णु पूरे 4 मास के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं। इसके बाद भाद्रपद की शुक्ल पक्ष की एकादशी को भगवान करवट बदलते हैं, इसलिए इसे परिवर्तनी एकादशी कहा जाता है। इस एकादशी को जलझूलनी एकादशी और पद्म एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। परिवर्तनी एकादशी के दिन विष्णु जी के वामन अवतार की पूजा की जाती है। कहते हैं एकादशी का व्रत रखने से चंद्रमा के बुरे प्रभावों से बचा जा सकता है। इसके अलावा मनुष्य को सभी पापों से मुक्ति मिलती है और मनोकामनाएं भी पूरी होती है।
आइए जानते हैं इस बार परिवर्तनी एकादशी कब है और पूजा के शुभ मुहूर्त और विधि के बारे में।

इस दिन है परिवर्तनी एकादशी
साल 2022 में परिवर्तनी एकादशी 6 सितंबर, मंगलवार को है। एकादशी तिथि की शुरुआत 06 सितंबर मगंलवार को सुबह 05 बजकर 54 मिनट पर शुरू हो जाएगी यानी इस दिन व्रत रखा जाएगा। 07 सितंबर को सुबह 03 बजकर 04 मिनट पर एकादशी तिथि समाप्त हो जाएगी।
07 सितंबर को सुबह 08 बजकर 33 मिनट पर व्रत का पारण किया जा सकता है।

परिवर्तनी एकादशी पूजन विधि
परिवर्तनी एकादशी के दिन सुबह उठकर स्नान आदि करने के बाद आप पीले वस्त्र धारण करें। इसके बाद व्रत और पूजा का संकल्प लें। भगवान को पीले फूल, पंचामृत, तुलसी आदि अर्पण करें। अब विष्णु जी के मंत्रों का जाप करें। एकादशी के दिन दान करना बेहद शुभ माना जाता है। आप अपनी क्षमता अनुसार अनाज, वस्त्र, छाता आदि दान कर सकते हैं। ऐसा करने से आपकी मनोकामना पूर्ण होगी, साथ ही ईश्वर का आशीर्वाद भी प्राप्त होगा।

आर्थिक तंगी दूर करने के लिए करें यह उपाय
अगर आप पैसों की तंगी से परेशान हो गए हैं और कई प्रयासों के बावजूद आपको सफलता नहीं मिल पा रही है तो परिवर्तनी एकादशी के दिन आप भगवान विष्णु के मंदिर में जाकर उनकी पूजा-अर्चना करें। इसके अलावा आप उन्हें पीले फूलों के साथ श्रीफल चढ़ाएं। ऐसा करने से आपकी समस्या का समाधान जरूर होगा।
परिवर्तन एकादशी का महत्व
कहते हैं एकादशी का व्रत करने से ग्रहों के अशुभ प्रभावों को कम किया जा सकता है। इसके अलावा इस व्रत को करने से जीवन में सुख समृद्धि बनी रहती है। परिवर्तनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा की जाती है। जानकारों के अनुसार परिवर्तन एकादशी के दिन व्रत और पूजन करने से तीनों लोकों के देवी देवता प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा बरसती है। साथ ही इस व्रत से वाजेय यज्ञ के समान फल की प्राप्ति होती है।



Click it and Unblock the Notifications