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किसे कहे समझदारी
Short Story
oi-Staff

जब भूकम्प बंद हो गया तब आचार्य ने अपने शिष्यों से कहा- तुम सभी ने देखा कि कैसे एक जैन मुसीबत के समय हिम्मत और दिमाग से काम लेता है। मैं तुम सबको रसोईघर में इसलिए लाया क्योकि यह पूरे मंदिर का सबसे सुरक्षित हिस्सा है जंहा हम शरण ले सकते थे। यह अच्छा निर्णय था वरना हम सभी घायल हो जाते।
आगे बढते हुए उन्हाने पुन: कहा कि उस समय मुझे थोड़ी घबराहट हुई थी लेकिन मेरे दिमाग ने काम करना बंद नही किया। तभी मैं एक बडा ग्लास पानी पी रहा हूं जबकि साधारण परिस्थितियों में मैं ऐसा नही करता।
उनमे से एक मॉन्क मुस्काराया लेकिन कुछ कहा नहीं। आचार्य ने पूछा- तुम मुस्करा क्यों रहे हो? मॉन्क ने उत्तर दिया- यह बडा ग्लास पानी का नहीं बल्कि सोया सॉस का है।
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